रेल किराए में बढ़ोतरी का क्या असर है आम लोगों पर

विभव देव शुक्ला

भारत सरकार एक बार फिर ऐसा कदम उठाने जा रही है जो आगामी कुछ दिनों तक सुर्खियों में रहने वाला है। बीते शीत सत्र में सरकार ने कई अहम विधेयकों पर सदन के भीतर चर्चा कराई और कई बड़े प्रस्ताव भी पारित कराए। लेकिन यह तो संसद के भीतर की बात थी, संसद के बाहर भी सरकार कई बड़े और अहम फैसले लेती है। हाल ही में सरकार ने ऐसा ही एक फैसला लिया जिस पर फिलहाल खूब चर्चा हो रही है।

टिकट खरीदना तक मुश्किल हो जाएगा
सरकार ने भारतीय रेलवे का किराया बढ़ाने की बात कही है, यानी ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को बढ़े हुए दामों पर यात्रा करनी पड़ेगी। इस मामले पर समाचार एजेंसी एएनआई से राजधानी दिल्ली के ऐसे यात्रियों ने बात की जो लगभग रोज़ ट्रेन से सफर करते हैं। इस पूरे मामले पर सबसे आम प्रतिक्रिया यही थी कि इस फैसले के बाद गरीब वर्ग के लोगों के लिए टिकट खरीदना तक मुश्किल हो जाएगा।

जिनकी कमाई के बाहर टिकट
विद्या सागर नाम के यात्री ने एएनआई से बात करते हुए कहा यह समय रेल यात्रा के दाम बढ़ाने के लिए सही नहीं है। हाल ही में रेल यात्रा के दामों में बढ़ोतरी हुई थी, आम लोगों के लिए बढ़ते दामों से निपटना मुश्किल हो चला है। इस तरह के हालातों में एक गरीब व्यक्ति के लिए गुज़ारा करना कितना मुश्किल होगा?
वहीं एक मजदूर ने कहा अगर ऐसे ही दाम बढ़ते रहे तो हमारे लिए सफर करना तक मुश्किल हो जाएगा। हम मजदूर हैं, हम इतना कमाते ही नहीं कि इतने रुपए देकर रोज़ आना-जाना कर सकें। ट्रेन से रोज़ सफर करने वाले एक और यात्री ने कहा बहुत से लोग ट्रेन से सफर करते हैं, सरकार ऐसे फैसले लेने के पहले उनके बारे में नहीं सोचती है।

करना होगा सरकार पर भरोसा
वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लोग थे जो इस बढ़ोतरी को सही ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रेन का किराया बढ्ने का सीधा असर रेल सुविधाओं पर पड़ेगा। भारतीय रेल का बुनियादी ढांचा सुधरेगा और आम लोगों को ही फायदा होगा। एक यात्री ने कहा मेरे हिसाब से सरकार के इस फैसले में कुछ भी गलत नहीं है। अगर हम अच्छी सुविधाएं चाहते हैं तो हमें खर्च तो करना पड़ेगा।
अगर सरकार कुछ कर रही है या करना चाहती है तो हमें सरकार का सहयोग करना चाहिए। एक और यात्री ने कहा सरकार के सामने पहले ही तमाम तरह की दिक्कतें हैं और आम लोगों के सामने उससे ज़्यादा दिक्कतें हैं। लेकिन बतौर ज़िम्मेदार नागरिक हमें हर मोर्चे पर सरकार के साथ खड़े रहना होगा और सरकार के कदम को समय देना पड़ेगा।

Next Post

'मुझे हैरानी हो रही है कि अब तक पीएम मोदी और अमिह शाह की हत्या नहीं हुई' - नेल्लई कन्नन

Wed Jan 1 , 2020
नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। हम नए सत्र में प्रवेश कर गए हैं लेकिन अभी भी नागरिकता संशोधित कानून का विरोध देशभर में ज़ारी है। कई राज्य सरकारों ने भी इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया है। तमिलनाडु में भी इसका विरोध जम कर हो रहा है। इसके लिए सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी […]