“हमने यह भी सुना है कि राहुल गांधी होमोसेक्सुअल हैं”- स्वामी चक्रपाणि

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। कांग्रेस सेवादल के द्वारा विनायक सावरकर पर टिप्पणी करने वाली छापी गई किताब पर विवाद बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस सेवादल की ओर से बांटी गई इस किताब पर विवाद हो गया है।

जिसमें नाथूराम गोडसे और वीर सावरकर को समलैगिंक बताया गया था। उसका बाद बीजेपी, शिवसेना से लेकर हिन्दू महासभा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया है।

अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कांग्रेस सेवादल की किताब में लगाए आरोप पर कहा, “ये पूर्व महासभा अध्यक्ष सावरकर के खिलाफ हास्यास्पद आरोप हैं। हमने यह भी सुना है कि राहुल गांधी होमोसेक्सुअल हैं।”

दरअसल मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस सेवादल ने विनायक सावरकर को लेकर एक किताब छापी है। ‘वीर सावरकर कितने वीर’, किताब का टाइटल है। भोपाल में आयोजित किए गए 10 दिवसीय ट्रेनिंग कैंप में इसे बांटा गया।

इसमें महात्मा गांधी की हत्या, नाथूराम गोडसे और वीडी सावरकर का जिक्र किया गया है। किताब में दावा किया गया है कि नाथूराम गोडसे और वीर सावरकर के बीच समलैंगिक संबंध थे।

‘वीर सावरकर कितने वीर’ में कई किताबों के हवाले से तमाम तरह के दावे किए गए हैं। डॉमिनिक लैपिएर और लैरी कॉलिन की किताब ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ का जिक्र करते हुए इसमें लिखा है, “ब्रह्मचर्य धारण करने से पहले नाथूराम गोडसे के एक ही शारीरिक संबंध का ब्यौरा मिलता है। यह समलैंगिक संबंध थे। उनके राजनैतिक गुरु वीर सावरकर ही उनके पार्टनर थे।”

सावरकर पर मचे घमासान पर महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना ने भी पार्टी को आड़े हाथों लिया है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, “वीर सावरकर एक महान व्यक्तित्व थे और हमेशा रहेंगे। एक वर्ग उनके खिलाफ बोलता रहता है जो उनके दिमाग की गंदगी को दिखाता है कि कितना हद तक वे गिर सकते हैं।”

अपने बयानों के लिए मशहूर बीजेपी मंत्री और सांसद गिरिराज सिंह ने कहा, ‘वह दिन दूर नहीं है जब वह (कांग्रेस) किताब पढ़ेंगे कि जिन्ना कितने अच्छे नेता थे। वह जिन्ना को आदर्श मानते हैं और यही कारण है कि वह सावरकर को गाली देते हैं।’

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