पेट्रोल पंप ने डीज़ल देने से मना कर दिया तो 3 घंटे बस से सफ़र कर पहुँचे कैबिनेट मीटिंग में

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। मुझे मंत्री मतलब धनी समझ आता है। क्या आपने कभी आपने सोचा है कि कोई मंत्री अपनी गाड़ी में पेट्रोल भराने के लिए जाए और पेट्रोल पंप वाला उन्हें डीज़ल देने से मना कर दे। यकीन करना मुश्किल है लेकिन पुडुचेरी में कुछ ऐसा ही देखने को मिला।

दरअसल पुडुचेरी के कृषि मंत्री को बस से सफर करना पड़ा है, इसलिए नहीं कि वो किसी नई बस का उद्घाटन कर रहे थे या फिर कोई सोशल वर्क का काम था। बल्कि इसलिए कि उनकी कार में पेट्रोल पंप ने डीजल डालने से इनकार किया तो सरकारी बस में यात्रा करनी पड़ी।

उनकी आधिकारिक कार को पुराने बकाया कि वजह से सरकारी को-ऑपरेटिव पेट्रोल पंप ने डीजल देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मंत्री जी ने अपनी जेब से डीजल डलवाने की बजाय या कोई और कार चुनने की बजाय राज्य परिवहन की बस से सफर करना ठीक समझा। मंत्री जी की इस बस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो अब खूब वायरल हो रही हैं।

ये घटना शुक्रवार की है। आर कमलाकन्न को कबिनेट मीटिंग के लिए कराईकल से पुडुचेरी जाना था। कृषि मंत्री आर कमलकन्नन जो कि कराइकल के हैं। लेकिन जब उनकी कार लावसपेट में स्थित सरकारी को-ऑपरेटिव पेट्रोल बैंक अमुधासुरभी पर पहुंची तो पिछले बकाया का हवाला देकर डीजल देने से इनकार कर दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि अमुधासुरभी ने तय किया है कि वो 2 जनवरी से किसी भी सरकारी वाहन को डीजल तब तक नहीं देगा जब तक उसका पिछला बकाया नहीं चुका दिया जाता।

कहा जा रहा है कि इस पेट्रोल पंप का सरकार पर करीब ढाई करोड़ रुपये बकाया हैं। इसमें से करीब 50 लाख का बकाया मंत्रियों पर है। पेट्रोल पंप ने पिछले छह महीनों से अपने कर्मचारियों को सैलरी भी नहीं दी है। अमुधासुरभी द्वारा चलाई जा रही दूसरी जनरल स्टोर्स का भी बकाया है जो कुल 5.32 करोड़ रुपए है।

करीब 3 घंटे का सफर तय करने के बाद मंत्री जी पुडुचेरी पहुंचे। उन्हें बस में देखकर आमलोग बेहद हैरान थे। आर कमलाकन्न ने कहा कि वो हर हाल में कैबिनेट मीटिंग में जाना चाहते थे। लिहाजा वो पुडुचेरी जाने के लिए बस में सवार हो गए।

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