बेटी के सिर पर पांच टांके आये हैं लेकिन माता- पिता चाहते हैं कि बेटी आगे की लड़ाई लड़े

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। जेएनयू में बीते रविवार को हुई घटना से सब वाकिफ़ हैं। सबको कहीं न कहीं उन गुर्गों के दलों का अंदाज़ा तो है ही लेकिन इस बीच एक और बात क़ाबिले तारीफ़ है कि जिस बेटी के सिर पर लगभग 4 से ज़्यादा टांके लग चुके हैं, उनके पैरेंट्स इस बात पर आमदा हैं कि तुम बढ़ो लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है।

दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में बीते रविवार छात्रों और शिक्षकों से जमकर मारपीट की गई। 50 से ज्यादा नकाबपोश हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। वह लोग अपने साथ लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर कैंपस में दाखिल हुए थे।

जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष के सिर पर वार किया गया, जिससे वह लहूलुहान हो गईं। हमले में घायल हुए सभी छात्रों और शिक्षकों को एम्स ले जाया गया, जहां से सोमवार सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

इधर आइशी के माता-पिता ने भी इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी है। समाचार एजेंसी आईएनएस के मुताबिक, आइशी के माता-पिता अपनी बेटी को पूरी तरह सपोर्ट कर रहे हैं। वो नहीं चाहते कि उनकी बेटी इस हमले से डरकर पीछे हटे।

आइशी घोष के पिता ने कहा कि “पूरे देश में हालात बदल रहे हैं इस बदलते हालात से हम डरे हुए हैं। मेरी बेटी के ऊपर हमला हुआ है। कल कोई और पीटा जाएगा कौन जानता है? हो सकता है कि कल मुझे ही पीट दिया जाए। मैंने हमले के बाद से डायरेक्टली अपनी बेटी से बात नहीं की है। बाकी लोगों के जरिए मुझे घटना की जानकारी मिली है। शांतिपूर्ण आंदोलन काफी लंबे समय से चल रहा है। मेरी बेटी के सिर पर पांच टांके आए हैं। वो लेफ्ट मूवमेंट के साथ है। हर जगह, हर कोई लेफ्ट के मूवमेंट को रोकने की कोशिश करता है।”

आइशी घोष की मां ने जेएनयू के कुलपति एम. जगदीश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इतनी बर्बरता होने के बाद भी उनकी मां उनको आगे संघर्ष करने के लिए हौसला अफज़ाई करते हुए नज़र आ रही हैं।

उन्होंने कहा, “मैं अपनी बेटी से प्रदर्शन से पीछे हटने के लिए जरा भी नहीं कहूंगी। इस मूवमेंट में उसके साथ कई लड़के-लड़कियां जुड़े हैं। वह सभी जख्मी हैं, कुछ को ज्यादा चोटें आई हैं और कुछ को कम। मैं फिर भी उससे पीछे हटने को नहीं कहूंगी। फीस बढ़ोतरी के मामले में जो छात्र विरोध कर रहे थे कुलपति ने उनसे बात करना तक मुनासिब नहीं समझा। उन्हें फौरन इस्तीफा दे देना चाहिए, वह कुछ नहीं कर रहे हैं। इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।”

जेएनयू में रविवार शाम हुए हमले में कई छात्रों के हाथ-पैर फ्रैक्चर हुए हैं। एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर छात्रों से मारपीट का आरोप लगा है। एबीवीपी पदाधिकारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि लेफ्ट समर्थित छात्रों ने उनके साथ मारपीट की है। कई कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती हैं।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में मिली सभी शिकायतों को मिलाकर एक केस दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच को केस की जांच सौंप दी गई है। पुलिस ने कुछ हमलावरों की पहचान की है। पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कह रही है।

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