एसिड अटैक पीड़िता की वकील ने ‘छपाक’ की रिलीज़ रोकने के लिए दायर की याचिका

विभव देव शुक्ला

दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक जल्द सुनहरे पर्दे पर उतरने वाली है। बहुत लंबे समय से लोगों को इस फिल्म का इंतज़ार था और अब लोगों का इंतज़ार खत्म होने वाला है। फिल्म की कहानी कुछ भी हो पर फिल्म की एक असल कहानी भी है जिसके बारे में कम ही लोगों ने सुना है और कम ही लोग जानते हैं। उसी असल कहानी पर दीपिका पादुकोण की ‘छपाक’ तैयार की गई है। लेकिन फिल्म अपनी असल कहानी के चलते ही विवादों में घिर चुकी है, सबसे ताज़ा विवाद एसिड अटैक पीड़िता का मुकदमा लड़ने वाली वकील से जुड़ा है।

पीड़िता की वकील ने की शिकायत
अपर्णा भट्ट ने एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी का मुकदमा लड़ा था, उन्होंने निर्माताओं पर आरोप लगाया है कि फिल्म में उन्हें कोई श्रेय नहीं दिया गया है। अपने फेसबुक पेज पर अपर्णा लिखती हैं मैं इस बात से काफी परेशान हुई हूँ कि छपाक फिल्म में मेरा उल्लेख ही नहीं है। मैं अपनी पहचान बचाने के लिए निर्माताओं पर संवैधानिक कार्यवाई भी करूंगी। भले मेरी पहुंच प्रोड्यूसर और दीपिका तक नहीं है लेकिन इसके बावजूद मैं चुप नहीं रहने वाली हूँ।
एएनआई ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए लिखा कि अपर्णा ने दिल्ली के पटियाला हाउस अदालत में छपाक फिल्म पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की है। याचिका में अपर्णा का कहना है कि वह लक्ष्मी की आधिकारिक वकील थीं लेकिन फिल्म की कहानी में कहीं उनकी बात नहीं हुई है। इसलिए वह फिल्म निर्माताओं से इस बात की लड़ाई लड़ेंगी और पूरी कोशिश करेंगी कि उनका ज़िक्र न करने के लिए उन पर कार्यवाई हो।

धार्मिक पहचान छिपाने का आरोप
फिल्म का विवादों से नाता छूट ही नहीं पा रहा है। बीते दिन के बीच में सोशल मीडिया पर एक खबर चली कि जिस व्यक्ति ने पीड़िता पर एसिड अटैक किया था उसका नाम फिल्म में राजेश है। जबकि असल में उस व्यक्ति का नाम नईम है, लोगों का कहना है कि फिल्म में आरोपी की धार्मिक पहचान क्यों बदली गई? लोग फिल्म के निर्माताओं पर आरोप लगा रहे हैं कि आरोपी की पहचान बदलने से धार्मिक भावनाएँ आहत होंगी। लेकिन इस बहस के असर में आने के थोड़े समय बाद ही मामले का दूसरा पक्ष सामने आया।

ट्वीट्स की लड़ाई जारी
जब सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ लोगों ने दूसरी जानकारी देना शुरू किया। नेटिज़न ने बताया कि फिल्म में मुख्य आरोपी का नाम राजेश नहीं बल्कि बशीर उर्फ बबलू है। फिलहाल यह दोनों ही नाम ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं, राजेश और नईम। राजेश के नाम पर लगभग 75 हज़ार ट्वीट हो चुके हैं वहीं नईम के नाम पर लगभग 85 हज़ार ट्वीट हो चुके हैं। पूरा सोशल मीडिया फिलहाल इसी बहस में उलझा हुआ है और ताज्जुब वाली बात यह है कि इस तरह मामले पर समाज में बड़े पैमाने पर भ्रम के हालात बनेंगे।

Next Post

दक्षिण भारत की एक फ़िल्म की सफ़लता के लिए लोग ज़मीन पर खाना खाने के लिए तैयार हैं

Thu Jan 9 , 2020
नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। जहाँ एक तरफ़ ‘छपाक’ फ़िल्म को लेकर जनता दो गुटों में बंट गयी है वहीं फिल्म ‘दरबार’ को लेकर रजनीकांत के प्रसंशकों में अलग तरह का जुनून देखा जा सकता है। अधिकतर टॉलीवुड को बॉलीवुड से कम तवज्ज़ो मिलती है लेकिन यहाँ के नज़ारे देख आप अचंभित […]