लखनऊ की महिला पुलिसकर्मी ने वीडियो में रोते हुए कहा मेरे अधिकारी मेरा शोषण कर रहे हैं

विभव देव शुक्ला

बीते कुछ समय से देश के हालात ऐसे हो चले हैं कि पुलिस अक्सर ख़बरों में बनी ही रहती है। कभी पुलिस से जुड़ी ख़बरें अच्छी होती हैं तो कभी अच्छी नहीं होती हैं। लेकिन ताज़ा मामले में वजह बहुत अच्छी नहीं है, यूं कहें पुलिस वालों से जुड़ी ऐसी सुर्खियां पुलिस विभाग के दामन पर अच्छे रंग के निशान नहीं छोड़तीं। एक महिला पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है जिसमें वह बता रही है कि पुलिस महकमे में महिला पुलिस कर्मियों की हालत कितनी खराब है।

अधिकारी कर रहे शोषण
वीडियो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम थाने का बताया जा रहा है। लगभग एक मिनट के वीडियो में महिला पुलिसकर्मी कई बातें कहती है। वीडियो की शुरुआत में महिला पुलिसकर्मी कहती है कि मैं खुद ही यहाँ परेशान हूँ, मेरे साथ मेरे अधिकारी शोषण कर रहे हैं। मेरी बात नहीं सुनी जा रही है, यहाँ बलात्कार हो रहा है। उन महिलाओं को मैं क्या भरोसा दिला पाऊँगी जब मैं खुद ही यहाँ परेशान हूँ।

महिलाओं की सुरक्षा कैसे होगी
मेरे अधिकारी खुद ही मेरे साथ शोषण कर रहे हैं, मेरी बात नहीं सुनी जा रही है। कप्तान साहब ने मेरी पोस्टिंग जानकीपुरम में कर दी है जो कि मैंने स्वेच्छा से कराई है। लेकिन हमें कप्तान साहब से मिलने नहीं दिया जा रहा है, पीआरओ साहब भी आरआई साहब के पक्ष में हैं।
सब एक दूसरे के पक्ष में हैं, मुझे इस विभाग से न्याय का भरोसा उठ गया है। मैं महिलाओं को क्या भरोसा दिला पाऊँगी कि तुम्हारे साथ न्याय होगा, मुझे क्यों वर्दी दी गई है, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ही न? लेकिन यहाँ मेरी ही सुरक्षा नहीं हो पा रही है बाकियों की ज़िम्मेदारी कैसे लूँगी?

जवाबदेही किसकी होगी
फिलहाल सोशल मीडिया पर यह वीडियो लगभग हर जगह मौजूद है। एक दिन पहले सोशल मीडिया में आए इस वीडियो ने काफी सुर्खियां बटोर ली हैं। अब सवाल महज़ यह बचता है कि अगर महिला पुलिसकर्मियों के साथ ऐसा हो रहा है तो इसकी ज़िम्मेदारी किसके हिस्से होगी? उत्तर प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को लेकर तमाम दावे करती है लेकिन यहाँ महिला पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं तो बाकियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? यह सवाल जितना सरकार से है उतना ही पुलिस विभाग से भी है कि आखिर क्यों इस तरह के हालात बने हुए हैं।

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