जिस गर्भवती भैंस को काटने की तैयारी हो रही थी उसे बचाने के लिए लोगों ने जुटाए 2732 पाउंड

विभव देव शुक्ला

ऐसा माना जाता है कि दुनिया के किसी जीव के भीतर कोई दूसरा जीव पल रहा होता है तब उसकी जिजीविषा बढ़ जाती है। मिसाल के तौर पर कोई जीव अपने अंदर पल रहे जीव को जन्म देने वाला होता है तब उसकी ज़िन्दगी जीने की इच्छा और बढ़ जाती है। उसके अंदर जज़्बातों की बनावट और गहरी हो जाती है और दुनिया में बने रहने की चाहत दोगुनी हो जाती है। ऐसा किसी एक जीव के साथ नहीं बल्कि हर प्रजाति के जीव के साथ होता है और इन्सानों के साथ बहुत बड़े पैमाने पर होता है।

क्या था उस वीडियो में
हाल ही में एक वीडियो सामने आया जिसमें जीते रहने की ऐसी ही इच्छा नज़र आई एक गर्भवती भैंस में। वीडियो चीन के गुयांगडोंग राज्य के शांतऊ नाम की जगह का बताया जा रहा है। वीडियो में नज़र आने वाली पूरी घटना जज़्बातों के अंतिम छोर तक चोट करती है क्योंकि आम तौर पर ऐसी घटनाएँ नहीं नज़र आती हैं।
क्रूरता की सबसे बड़ी मिसाल क्या हो सकती है, किसी जीव को मार देना? लेकिन उससे भी बदतर क्या हो सकता है, एक जीव को ऐसी हालात में मारना जब उसके अंदर एक ज़िन्दगी पल रही हो। शांतऊ नाम की जगह में एक बूचड़खाना था जहां एक कसाई इस भैंस को काटने के लिए ले जा रहा था।

नज़र आ रहे थे आँखों में आँसू
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जितनी बार कसाई उस भैंस को खींचने की कोशिश करता है उतनी बार भैंस घुटनों के बल बैठ जाती है। इसका सीधा मतलब था कि भैंस की इससे दयनीय स्थिति और क्या हो सकती है कि उसे अपनी ज़िन्दगी बचाने के लिए घुटनों के बल खड़े होना पड़ रहा था।
वीडियो में यह साफ है कि ऐसा एक बार नहीं बल्कि कई बार हुआ जब वह किसी भी सूरत में आगे नहीं बढ़ना चाहती थी। इस दौरान उस भैंस की आँखों में आँसू भी बेहद साफ तौर पर नज़र आते हैं लेकिन फिर भी उसे खींचा जा रहा था। लेकिन हर घटना का अंत भयावह हो ऐसा ज़रूरी नहीं या हर जीव के साथ अत्याचार हो ऐसा भी ज़रूरी नहीं।

मदद के लिए इकट्ठा किए 2732 पाउंड
इस घटना का वीडियो इतना मार्मिक था कि थोड़े ही समय में पूरे सोशल मीडिया पर देखा जाने लगा। ज़रा से समय में इस वीडियो को लाखों लोगों ने देख लिया। जिसके बाद लोगों ने इस मामले पर गम्भीरता दिखाई और थोड़े ही समय में भैंस के लिए रुपए इकट्ठा करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे लोगों ने उसके लिए लगभग 2732 पाउंड इकट्ठा कर लिए।
इतने रूपए इकट्ठा होने के बाद उसे एक मंदिर में भेज दिया गया। चीन के एक समाचार समूह में प्रकाशित रपट के मुताबिक जितनी बार उस भैंस को खींचा जा रहा उतनी बार वह घुटनों के बल झुक जा रही थी। उस जगह पर काम करने वाले एक व्यक्ति ने चीन के समाचार समूह को इस बात की जानकारी दी। साथ ही उसने यह भी कहा कि हम रोज़ कई सैकड़ों जीव देखते हैं लेकिन ऐसा नज़ारा पहली बार देखने को मिला।

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