हाल ही में विवादित बयान देने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस की मंत्री ने दिया गाय पर बयान

विभव देव शुक्ला

देश की राजनीति हमेशा गुलज़ार रहती है, कभी ऐसा माहौल बन ही नहीं पाता कि आम जनता को नज़र हटाने का मौका मिले। राजनीति का ज़िक्र होता है और नेता इससे अछूते रहें तो ऐसी राजनीति भी अधूरी है और नेताओं से ज़्यादा उनके बयान। जिन बयानों के चलते सरकारें टूटने से लेकर जुड़ती तक हैं।
जो बयान नुक्कड़ों पर जिरह की वजह बनते हैं, जिन बयानों में विवाद भी होता है और तुष्टीकरण भी। हालांकि जिस बयान की बात होने वाली है उसमें विवाद भले नहीं है पर सुर्खियां बटोरने की पूरी क्षमता है। ऐसा ही एक बयान दिया है महाराष्ट्र सरकार में मंत्री यशोमती ठाकुर ने।

गाय को देखना और छूना अच्छा अनुभव
महाराष्ट्र कांग्रेस की नेता यशोमती ठाकुर का कहना है कि सड़क पर मौजूद गाय को देखना और उन्हें छूना हमारे ज़ेहन से नकारात्मकता दूर करता है। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है लेकिन यह हमारा दुर्भाग्य है कि हम ऐसी बातें भूल चुके हैं। और हम ऐसी बातों के आधार पर महज़ राजनीति करते हैं। यशोमती ठाकुर ने यह बयान अमरावती की एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान दिया।
इस बयान में विवादित होने जैसा भले कुछ नहीं था लेकिन कुछ ही दिन पहले उनके एक बयान की काफी चर्चा हुई थी। उस बयान का प्रभाव आम जनता पर सकारात्मक नहीं था और उस पर जम कर विवाद भी हुआ था। उन्होंने एक जनसभा में कहा था आप सभी को पता है हर तरह के खेल खेले जा चुके हैं।

क्या था पुराना बयान
पहले हमारी सरकार नहीं थी, अब हमने शपथ ले ली है। लेकिन अभी तक हमारी जेबें भरी नहीं हैं, असली पैसा तो विपक्ष के लोगों के पास है, उनकी जेबें बहुत गहरी हैं। ऐसे में अगर वह रुपए देने के लिए आपके पास आते हैं तो उन्हें ना मत कहिएगा। घर आई लक्ष्मी को कौन ना कहता है पर अपना मत पंजे को ही दीजिएगा।
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद यशोमती ठाकुर ने कई समाचार समूहों से बात करते हुए इस बयान पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था ज़िला पंचायत के चुनाव हैं और हमारे पास रुपए नहीं हैं लेकिन जो केंद्र में हैं उनकी जेबें गर्म हैं। आप लोगों ने मेरे बयान को मीडिया तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है क्योंकि मेरे बयान का ऐसा मतलब ही नहीं था जैसा बताया जा रहा है।

Next Post

दो महीने शोषण झेल कर खुद को बचाने के लिए 2 महीने लगातार चली आदिवासी लड़की

Mon Jan 13 , 2020
नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। आजकल कितना आसान हो गया है नौकरी दिलाने के बहाने किसी को गुमराह कर देना। भारत में तो शायद ये आम बात हो गयी है क्योंकि रिपोर्ट के अनुसार अगर यहाँ की बेरोजगारी दर पर नज़र डाली जाये तो ये सबसे आसान काम है। एक गाँव का […]