एक और बैंक की हालत लचर, आरबीआई ने लगाई 35 हज़ार से अधिक निकालने पर रोक

विभव देव शुक्ला

देश में का एक बैंक फिर सुर्खियों में है और इस बार भी सुर्खियों की असल वजह लोगों की शिकायतें हैं। कर्नाटक के बैंगलोर स्थित इस बैंक को रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने ऐसा आदेश जारी किया है जिसके बाद इस बैंक में खाता धारकों की हालत खराब है। आदेश के मुताबिक इस बैंक में चालू, बचत या किसी भी तरह के खाता धारकों को अगले आदेश तक 35 हज़ार रुपए से ज़्यादा निकालने का अधिकार शर्तों के आधार पर नहीं होगा।

क्या आदेश जारी किया आरबीआई ने
आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इस आदेश की जानकारी देते हुए लिखा ”10 जनवरी, 2020 को लेनदेन बंद होने के बाद, बैंक से कोई ऋण और अग्रिम अनुदान या नवीनीकरण नहीं करेगा, कोई भी निवेश करेगा। विशेष रूप से, प्रत्येक बचत या चालू खाते या किसी अन्य जमा खाते के कुल शेष से निकासी के लिए 35,000 रुपये से अधिक की राशि को शर्तों के अधीन अनुमति नहीं दी जा सकती है।”
इसके अलावा आरबीआई ने कहा इस बैंक के लाइसेंस को रद्द नहीं किया गया है और यह अपने वित्तीय सुधारों तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग लेनदेन जारी रख सकता है। अपनी जमा राशि की सुरक्षा पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए सोमवार को बैंगलोर के एक सभागार में हजारों जमाकर्ताओं की भीड़ एकत्रित हुई। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने बताया कि बैंक के द्वारा एक ब्रीफिंग के लिए आमंत्रित किया गया था।

हम बैंक निदेशक को देखना चाहते हैं
मौके पर मौजूद श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक के चेयरमैन के रामकृष्णा ने लोगों से इस मामले पर बात की। सबसे पहले उन्होंने कहा आपका रुपया 100 फीसद सुरक्षित है और आपका रुपया हमारी ज़िम्मेदारी है। लेकिन इस दौरान वहाँ आए तमाम खाताधारकों ने इस मुद्दे पर अपनी शिकायत भी दर्ज कराई, एक खाताधारक ने वहीं चिल्लाते हुए कहा ‘हम बैंक के निदेशक को यहाँ देखना चाहते हैं।’
एक और व्यक्ति ने कहा यह एक अच्छा बैंक हुआ करता था 0.5 फीसद एनपीए के साथ लेकिन अब हम किसी बैंक का भरोसा नहीं कर सकते हैं। हम खुद देख सकते हैं कि पीएमसी के साथ क्या हुआ। शंकर शर्मा नाम के व्यक्ति ने एक समाचार समूह से बात करते हुए कहा ज़्यादातर खाता धारक या तो वरिष्ठ नागरिक थे या फिर सेनानिवृत्त लोग थे। इस बैंक में मेरा खाता नहीं है पर मेरी माँ और चाहा का ज़रूर है और मैं उनके लिए ही आया हूँ।

जिनका फिक्स्ड डिपॉज़िट मेच्योर हो चुका है
49 साल के नागराज एम ने कहा ‘बैंक यह कह रहा है कि हम 35 हज़ार रुपए से ज़्यादा नहीं निकाल सकते हैं। लेकिन जिन लोगों का फिक्स्ड डिपॉज़िट मेच्योर हो चुका है अगर वह इसे निकालते नहीं हैं तो कम से कम इसे री न्यू कराएंगे। लेकिन इन हालातों में वह भी मुश्किल नज़र आता है। विरोध अधिक होने की वजह से कार्यक्रम के अंत में श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक के चेयरमैन को पुलिस सुरक्षा के बीच अपने साथ लेकर गई।

क्या कहते हैं तेजस्वी सूर्या
इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या का भी ट्वीट आया है। उन्होंने सहकारी बैंक के परेशान जमाकर्ताओं को शांत रहने के लिए अपील की है। तेजस्वी सूर्या ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर लिखा, ”मैं श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक के जमाकर्ताओं को आश्वासन दिलाना चाहता हूं कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं। माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस मामले से अवगत कराया गया है और वह व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे की निगरानी कर रही हैं, उन्होंने आश्वासन दिया है कि सरकार जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करेगी। उसकी इस चिंता के लिए आभारी हूं।”

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