मुंबई विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर को राहुल गांधी पर कटाक्ष करने के चलते छुट्टी पर भेजा

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। ‘मैं राहुल सावरकर नहीं राहुल गांधी हूं’ इस बयान पर बीते दिसंबर महीने में सबने पॉजिटिव-निगेटिव प्रतिक्रिया दी थी। इसमें एक प्रोफेसर भी शामिल थे उन्होंने भी अपनी बात रखी लेकिन साल के पहले महीने में ही उनको अपने दिए हुए बयान के कारण यूनिवर्सिटी से छुट्टी दे दी गयी है।

मुंबई यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर फेसबुक पोस्ट करना भारी पड़ गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर को जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। योगेश, यूनिवर्सिटी के एकेडमी ऑफ थिएटर आर्ट्स के डायरेक्टर हैं। यूनिवर्सिटी में उनके खिलाफ मिली शिकायत के बाद उन्हें छुट्टी पर भेजा गया है।

मुंबई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर योगेश सोमन ने दिसंबर महीने में फेसबुक पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर एक पोस्ट लिखा था। यह पोस्ट राहुल गांधी के वीर सावरकर को लेकर दिए गए बयान से संबंधित बताया गया है।

प्रोफेसर ने वीडियो ब्लॉग भी लिखा था, जिसमें से कुछ शब्दों को आपत्तिजनक माना गया। इसी के चलते प्रोफेसर को छुट्टी पर भेज दिया गया। वही, यूनिवर्सिटी का कहना है कि प्रोफेसर योगेश सोमन को पोस्ट के लिए नहीं बल्कि उनके खिलाफ कई अन्य शिकायतें थी जिसके चलते कार्रवाई की गई।

यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स योगेश को हटाने की मांग कर रहे थे। यूनिवर्सिटी के कुलपति सुहास पेडेनकर ने 14 जनवरी को इस मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को एक चिट्ठी लिखते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए एक कमिटी बनाई गई है तथा योगेश को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

इस मामले पर बीजेपी नेता आशिष शेलार ने कहा है, “यह पता चला है कि कांग्रेस और वामपंथी छात्रों ने योगेश सोमन को धमकी दी है। क्या यह असहिष्णुता नहीं है?”

13 दिसंबर को एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि वे राहुल सावरकर नहीं राहुल गांधी हैं। उसके बाद उन्होंने मेक इन इंडिया की खिल्ली उड़ाते हुए कहा था कि अब यह प्रोजेक्ट रेप इन इंडिया बन गया है। राहुल गांधी के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी।

मुंबई यूनिवर्सिटी में अकेडमी ऑफ थिएटर आर्ट्स के निदेशक सोमन ने फेसबुक और ट्विटर पर 14 दिसंबर को 51 सेकंड का वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने कहा था, “आप वास्तव में सावरकर नहीं हो, सच तो यह है कि आप सच्चे गांधी भी नहीं हो, आपके पास कोई वैल्यू नहीं है। यह कहते हुए गांधी के पप्पूगिरी का विरोध करता हूं।”

शेलार की बात का जवाब देते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। योगेश सोमन भाजपा की शह पर राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं। संविधान की रक्षा के लिए एनएसयूआइ ने कदम उठाया, हमें उस पर गर्व है।

Next Post

कभी 5 करोड़ की माला तो कभी चाँद पर ज़मीन का ऐलान, कुछ यूं होता है मायावती का जन्मदिन

Wed Jan 15 , 2020
विभव देव शुक्ला उत्तर प्रदेश की राजनीति में अच्छा भला दखल रखने वाली मायावती आज 64 साल की हो गईं। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती अभी तक कुल चार बार प्रदेश की कमान संभाल चुकी हैं। भारतीय राजनीति में दलितों से जुड़े मुद्दों पर जम कर बहस करने वाली […]