अपना ऋण चुकाने के लिए एक किसान 14 बोरी चिल्लर ले कर बैंक पहुंचा

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। किसान और बैंक का पुराना नाता है अक्सर लोन लेने और चुकाने के मामले में कुछ न कुछ पढ़ने को मिल ही जाता है। ऐसे ही इस बार भी एक किसान अपना ऋण चुकाने के लिए चिल्लर बटोर कर बैंक पहुँच गया। वो भी एक या दो बोरी नहीं पुरे 14 बोरी ले कर बैंक के सामने बैठ गया।

दरअसल मुसाफिरखाना क्षेत्र के अढ़नपुर गांव निवासी पवन कुमार सिंह ने इलाहाबाद बैंक से तीन लाख केसीसी पर लोन ले रखा था। ऋण अदायगी न कर पाने के कारण यह बढ़कर छह लाख रुपये हो गया। इसके कारण बैंक ने उसे ऋण चुकाने के लिए एक नोटिस भेज दिया। साथ ही बैंक ने बताया ग्राहक को किसान ऋण मुक्ति योजना का लाभ दिया गया है. अब उसे अपने ऋण का आधा यानी कुल अब उसे अपने ऋण का आधा यानी तीन लाख रुपये जमा करवाने होंगे।

नोटिस मिलते ही पवन बीते गुरुवार को 14 बोरियों में चिल्लर भरकर बैंक पहुंच गया। जिसे देखते ही बैंक कर्मचारी हतप्रभ रह गए। शाखा प्रबंधक स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया, “एक, दो, पांच और दस के सिक्कों को गिनने के लिए लगातार तीन दिनों तक कर्मियों को काम करना पड़ा। बीते शनिवार को गिनती पूरी हो सकी है।”

पवन तीन लाख रुपये के एक, दो और दस के सिक्कों को 14 बोरियों में भरकर बैंक पहुंच गया। यह देख बैंक ने लेने से मना कर दिया। कहा कि चिल्लर बैंक नहीं लेगा। काफ़ी आनाकानी और चिरौरी करने के बाद बैंक अंततः तैयार हुआ। बैंक ने इन चिल्लरों को गिनने के लिए तीन कर्मचारियों को लगाया। तीनों कर्मचारी तीन दिन तक लगातार जुटे रहे तब जा कर पूरा गिन पाए।

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