पहले उत्तर प्रदेश पुलिस पर क्रूर होने का आरोप था अब ‘चोर’ का भी धब्बा लग गया

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। जबरदस्त ठंड और कोहरे में अपने बच्चों संग बैठीं महिलाओं ने ‘नो सीएए-नो एनआरसी’ के नारे लगा रही थी वहीं कुछ महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर संविधान बचाओ-देश बचाओ की शपथ ले रही थी इसी बीच पुलिस की एक टुकड़ी आती है और उनके कंबल, दरी वग़ैरह छीन के ले जाती है।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ दिल्ली की शाहीन बाग की तर्ज पर लखनऊ में भी शुरू हुआ महिलाओं का प्रदर्शन जो शनिवार को भी जारी रहा। गूंजते देशभक्ति गीतों के बीच महिलाओं ने केंद्र सरकार से सीएए व एनआरसी को खारिज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जबतक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा खुले आसमान के नीचे अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।

हुसैनाबाद ऐतिहासिक घंटाघर पार्क में दूसरे दिन डटी महिलाओं का हौसला बढ़ाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे। धीरे-धीरे महिलाओं का प्रदर्शन विकराल रूप ले रहा है, प्रदर्शनकारियों की संख्या भी पहले के मुकाबले बढ़ी है। ठंडी में धरने पर बैठी महिलाओं का हौसला बढ़ाने के लिए एडवा की मधु गर्ग संगठन की अन्य महिलाओं के साथ पहुंची।

ये महिलाएं जुमे की नमाज बाद शुक्रवार शाम चार बजे से घंटाघर पर जुटी हैं, इनके साथ बच्चे भी हैं। वहीं पुलिस ने देर शाम महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं मानी तो घंटाघर की स्ट्रीट लाइट बंद कर दी गई। इसके बाद भी महिलाएं वहां डंटी रहीं।

एडवा की मधु गर्ग ने कहा, “हम धरने में बैठी इन महिलाओं के समर्थन में आए हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा एक दिन का नहीं, कई वर्षों का है। जो उन्होंने दबा रखा था, लेकिन सीएए व एनआरसी के बाद यह फूट पड़ा।”

यूपी पुलिस की इस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। प्रदर्शनकारियों के कंबल जब्त किए जाने के वीडियो के साथ कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिनमें पुलिसकर्मी कंबल ले जाते दिख रहे हैं। इतना ही नहीं पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से ट्विटर पर #कम्बलचोरयूपी_पुलिस भी ट्रेंड करने लगा है, जिस पर ट्विटर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

प्रदर्शनकारी महिलाओं को हटाने में नाकामयाब रही पुलिस ने हुसैनाबाद हेरिटेज जोन में बने महिला शौचालय में ताला लगा दिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए पुलिस तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। शौचालय बंद होने से सर्दी में महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धरने में बैठी महिलाओं की कवरेज करने आए मीडिया कर्मियों को रोक पुलिस उनकी गाडिय़ों का चालान कर रही है। सड़क के पास खड़ी पुलिस मीडिया कर्मियों को घंटाघर के करीब आने नहीं दे रही है। आईडी कार्ड देखने के बाद भी पुलिस मीडिया कर्मियों को वहां जाने से रोक रहीं है। इसको लेकर मीडिया कर्मियों की पुलिस से दिन में कई बार झड़प तक हो गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों की गाड़ी की फोटो खींच उनका ई-चालान कर दिया।

दो दिन से धरने पर डटी महिलाओं को स्थानीय लोगों की भी मदद मिल रही है। कोहरे में महिलाओं को बच्चों संग धरने पर बैठा देख लोग उनके लिए गर्म चाय-नाश्ते का बंदोबस्त कर रहे हैं। सुबह महिलाओं के लिए कोयले की अंगेठी का इंतेजाम भी किया गया। महिलाओं की तबियत खराब न हो इसके लिए दिन में कई बार चाय की व्यवस्था की जा रही है।

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