ऑस्ट्रेलिया के जंगलों को पहले जैसा होने में लगेंगे 100 साल

सिडनी

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग से तबाह हुए जंगल को वापस उसी रूप में आने में लगभग 100 साल का समय लग जाएगा। जंगल में महीनों से लगी आग पर अब काबू पाया जा सका है। इसमें बरसात का भी योगदान रहा। प्रशासन इसे अपने स्तर से नहीं बुझा पाया। इस आग ने यहां के जंगल में लगभग एक अरब जीव जंतु नष्ट कर दिए हैं। कई तो लुप्तप्राय जानवर आग की भेंट चढ़ गए हैं। अब उनका अस्तित्व ही खत्म हो गया है।

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग ने कई करोड़ रुपये की संपत्ति भी स्वाहा कर दी है। आग से 29 लोगों की मौत हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में बनाए गए सैकड़ों आलीशान मकान जलकर राख हो चुके हैं। ये आग इतनी बड़ी थी कि नासा से भी इसकी तस्वीर ली गई। आग लगने के बाद निकलने वाला धुएं की तस्वीरें सेटेलाइट से भी ली गई। जब आग चरम पर थी तो इसने पूरे

ऑस्ट्रेलिया के वातावरण को ही लाल कर दिया था। आग से इतना अधिक नुकसान हुआ निकला था कि यहां का पूरा आसमान ही लाल हो गया था। ऑस्ट्रेलिया फायर प्रमुख मिक क्लार्क का कहना है कि जिस तरह से आग लगने की घटना हुई है उससे लगता है कि इस पूरे इलाके को हरा भरा बनाने में अब कम से कम 100 साल का समय लग जाएगा। यदि इस इलाके में मौजूद पहले और बाद की तस्वीरों को देखा जाए तो आग से कितनी तबाही हुई है इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

नासा के एक प्रवक्ता ने बताया कि आग इतनी बड़ी थी कि वे पायरोकुमुलोनिम्बस घटनाओं की एक ‘असामान्य रूप से बड़ी’ संख्या में फैल गए थे। नासा ने कहा कि यदि किसी जगह पर एक बार बड़ी आग लग जाती है तो उसका धुआं काफी दूर तक चला जाता है। यह विश्व स्तर पर वायुमंडल की परिस्थितियों को प्रभावित करता है। आग से खतरनाक वायु की गुणवत्ता और भी खराब हो जाती है।

फायर रिकवरी फंड में दो सौ करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर

प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन ने बुश फायर रिकवरी फंड में दो सौ करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग एक हजार करोड़ रुपये) देने की घोषणा की है। इस फंड से आग के चलते नष्ट हुए मकानों और बुनियादी ढांचों का अगले दो वर्षो में फिर से निर्माण किया जाएगा। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस आयुक्त एंड्रयू कोल्विन के नेतृत्व में इस फंड से काम कराए जाएंगे। मॉरिसन ने कहा कि दो सौ करोड़ डॉलर की यह राशि पूर्व में स्वीकृत राशि से अलग होगी। यह शुरुआती राशि हैए जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है।

तीन प्रजातियां लुप्तप्राय – ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में तीन प्रजातियां लुप्तप्राय हो चुकी हैं। इनमें दक्षिणी मेंढक, रीजेंट हनीटर पक्षी और पश्चिमी जमीन तोता शामिल है। जोखिम वाले अन्य जानवरों में दक्षिण-पूर्व में कोआला आबादीए कंगारू द्वीप डुनर्टए चमकदार काले कॉकटू, लंबे पैर वाले पोटरू, पश्चिमी जमीन तोता, ब्लू माउंटेन वॉटर स्किंक, पूर्वी ब्रिसल्टर्ड और ब्रश पूंछ वाली
रॉक वालबाई शामिल हैं।

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