भारत में बढ़ा विदेशी निवेश, केवल 17 दिनों में निवेशकों ने डाले 1288 करोड़ रुपए

नई दिल्ली

घरेलू आर्थिक चुनौतियों, अमेरिका और ईरान के कारण बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बाद भी डटे रहे निवेशक

घरेलू आर्थिक चुनौतियों और अमेरिका और ईरान के कारण बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बाद भी विदेशी निवेशकों ने जनवरी में अब तक शुद्ध रूप से 1288 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में एफपीआई शुद्ध लिवाल बने हुए हैं। आंकड़े बताते हैं कि 1 जनवरी से 17 जनवरी के दौरान यानी केवल 17 दिनों में एफपीआई ने शेयरों में 10,200 करोड़ रुपए का निवेश किया। यह भारतीय बाजारों के लिए अच्छी बात है। वहीं बांड या ऋण बाजार से 8,912 करोड़ रुपए की निकासी की।

इस संदर्भ में ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि, ‘अधिकांश एफपीआई निवेश अमेरिका और चीन के बीच पहले चरण के व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद हुआ है। आने वाले समय में एफपीआई निवेश बढ़ने का अनुमान है। इससे पहले सितंबर 2019 से लगातार हर महीने एफपीआई शुद्ध निवेशक रहे हैं। इस संदर्भ में मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ विश्लेषण प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि, ‘भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने से पहले विदेशी निवेशक वैश्विक मोर्चे पर चल रही गतिविधियों को नजदीकी से देख रहे हैं। उन्होंने सतर्कता बरती।

अब बजट पर एफपीआई की निगाहें

इसके अलावा एफपीआई की निगाहें एक फरवरी को पेश होने जा रहे आम बजट पर भी लगी हैं। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट 1 फरवरी 2020 को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। यह सीतारमण का दूसरा बजट होगा।

साल 2019 में एफपीआई ने घरेलू बाजारों (शेयर और ऋण दोनों) में शुद्ध रूप से 73,276.63 करोड़ रुपए डाले थे। बता दें कि जनवरी, जुलाई और अगस्त को छोड़कर एफपीआई साल 2019 के शेष महीनों में शुद्ध लिवाल रहे हैं।

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