किसी बच्चे की उम्र 100 साल से भी ज़्यादा कैसे हो सकती है?

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। उत्तर प्रदेश से ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी का भी दिमाग चकरा जाए। मामला है बच्चों के बर्थ सर्टिफ़िकेट का, उम्र 100 साल से भी ज़्यादा। भला बच्चों की उम्र इतनी कैसे हो सकती है? यही सवाल सभी को चक्कर में डाल रहा है।

बरेली की एक अदालत ने कथित रूप से रिश्वत नहीं देने पर चार साल के बच्चे और उसके छोटे भाई के जन्म प्रमाणपत्रों में उनकी उम्र 100 साल बढ़ाकर लिखने के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिये हैं। शाहजहांपुर के बेला गांव के पवन कुमार ने करीब दो माह पहले अपने भतीजे शुभ (चार वर्ष) और संकेत (दो वर्ष) का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।

पवन का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सुशील चंद्र अग्निहोत्री और ग्राम प्रधान प्रवीण मिश्र ने आवेदक से हर सर्टिफिकेट के लिए 500 रुपये रिश्वत मांगी। रिश्वत देने से पवन ने इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी का सबक़ सिखाने के लिए जान-बूझकर ये गड़बड़ की गई।

पवन ने बताया कि दोनों बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र जैसे-तैसे तो बन गया लेकिन बच्चों की जन्मतिथि में बहुत बड़ा फ़ेरबदल कर दिया गया। शुभ की जन्मतिथि 13 जून 2016 के स्थान पर 13 जून 1916 लिख दी गयी। वहीं, संकेत की जन्म तिथि 6 जनवरी 2018 की जगह 6 जनवरी 1918 दर्ज करके प्रमाण-पत्र जारी कर दिए।

बाद में पवन ने अधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन दोषियों पर कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। इसके बाद बरेली की विशेष अदालत में अर्जी दी।

विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) मोहम्मद अहमद खान ने मामले की सुनवाई की। 17 जनवरी को शाहजहांपुर के खुटार थाना पुलिस को आरोपी बीडीओ और ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज करके मामले की तफ्तीश किए जाने के आदेश दिए गए।

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