सांसद बोले, दूसरी बार मंत्री नहीं बनोगे, नाराज पटवारी का जवाब मर्यादा में रहो, नहीं तो बैठक से बाहर कर दूंगा

प्रजातंत्र ब्यूरो | देवास

अफसरों के सामने जियोस की बैठक में भिड़े मंत्री जीतू पटवारी और सांसद महेंद्र सोलंकी

जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री जीतू पटवारी और भाजपा सांसद महेंद्र सोलंकी में विवाद हो गया। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। बैठक में मौजूद अफसर चुपचाप इस तमाशे को देखते रहे। प्रभारी मंत्री को सांसद ने कहा तुम दूसरी बार मंत्री नहीं बनोगे।उन्होंने एक अन्य मंत्री सज्जन वर्मा को भी मुख्यमंत्री का दलाल बता दिया।

जवाबी हमले में प्रभारी मंत्री ने भी सांसद को कह दिया -आप का सामान्य ज्ञान सुधारिए वरना उठा कर बाहर कर सकता हूं। जैसे तैसे बैठक तो सम्पन्न हो गई लेकिन बाहर दोनों के समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और काले झंडे दिखलाने से नहीं चूके। इससे पहले भी जियोस की बैठक में ही दोनों के बीच विवाद हो चुका है। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री जीतू पटवारी, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ, प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

सांसद अंगुली दिखाकर बात कर रहे थे

सांसदजी जिस तरह की भाषा का उपयोग कर रहे थे, बार-बार हाथ और उंगली दिखाकर बात कर रहे थे। मैंने उनसे कहा कि इस पद की गरिमा होती है। आप जज की भूमिका से यहां आए हैं। हमारा सांसद कैसा है, यह जनता ने भी देखा। जनप्रतिनिधियों का एक व्यवहार होता है। वह जनता के होते हैं, किसी पार्टी के नहीं। यह भावना सांसदजी में भी आनी चाहिए।
जीतू पटवारी, मंत्री, मप्र शासन

मंत्री पटवारी का रवैया ठीक नहीं था

मुझे 17 लाख मतदाताओं ने चुना है। जियोस की बैठक में प्रभारी मंत्री पटवारी का रवैया ठीक नहीं था। बैठक से उठाकर बाहर कर सकता हूं जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रह् थे। गंगा इंडस्ट्री के खिलाफ शिकायतों पर जांच और भाजपा कार्यकर्ताओं को बेवजह परेशान करने की बात कही थी। उनके लोगों ने काले झंडे दिखाए तो हमारे कार्यकर्ताओं ने भी विरोध किया। महेंद्र सोलंकी, सांसद देवास

विवाद की वजह… सांसद को सम्मानजनक स्थान नहीं मिला

मंगलवार को जियोस की बैठक में विवाद की शुरुआत सम्मानजनक स्थान न मिलने पर सांसद सोलंकी द्वारा आपत्ति दर्ज कराने से हुई।इसके बाद पटवारी और सोलंकी एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। सांसद ने गंगा इंडस्ट्री की जांच की मांग के साथ ही माफिया पर कार्रवाई की आड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं को बेवजह प्रताड़ित करने के आरोप तो लगाए ही सोनकच्छ विधायक-लोनिवि मंत्री सज्जन वर्मा को भी कमलनाथ का दलाल कह डाला। बैठक खत्म होने के बाद एक बार फिर पटवारी और सोलंकी में विवाद बढ़ गया। सूचना मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता भी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और भाजपा, प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

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