कनाडा में लिपस्टिक से समाज बदलने की मुहिम

टोरंटो

कनाडा के मूल निवासी समुदाय की कई महिलाएं खुद को सशक्त बनाकर समाज में फैली हिंसा को खत्म कर रही हैं। इन्हीं में से एक जेन हार्पर घर पर ब्यूटी कॉस्मेटिक बनाती हैं और इससे होने वाले मुनाफे से अपने समुदाय की मदद कर रही हैं। जेन हार्पर का उद्देश्य उन मूल निवासी महिलाओं की जिंदगी को बदलना है जो कई दशकों से हिंसा झेल रही है। हार्पर कहती हैं कि वह ऐसा व्यवसाय चाहती थीं जो मूल निवासी युवाओं, खास तौर पर लड़कियों को प्रेरित करे।

मूल निवासी लड़कियों में आत्महत्या की दर बाकी समुदायों की तुलना में छह प्रतिशत ज्यादा है। सुर्ख गुलाबी लिपस्टिक लगाए 43 साल की हार्पर ने थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन से बातचीत में कहा, ‘मेैं लिपस्टिक का इस्तेमाल एक मंच के तौर पर रही हूं जिससे मैं अपने समाज के युवाओं को जागरूक कर सकूं। हम मूल निवासी युवाओं को बदलना चाहते हैं, उन्हें दिखाना चाहते हैं कि वे भी काबिल हैं और उन्हें अपने इतिहास को लेकर शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है।’ जब जेन हार्पर ने बचपन में होंठों पर लिप ग्लोस लगाने का सपना देखा, तो वह जानती थीं कि उन्हें अपने समुदाय की मदद करने का रास्ता मिल गया है। जेन ने अपने कॉस्मेटिक ब्रांड चिकबोन ब्यूटी की शुरूआत 2015 में अपने किचन से की। हार्पर ने अपने कॉस्मेटिक उत्पादों के नाम उत्तरी अमेरिका की सफल मूल निवासी महिलाओं के नाम पर रखे हैं। वह अपने बिजनेस से होने वाले मुनाफे का दस प्रतिशत बच्चों की पढ़ाई के लिए देती हैं। हार्पर के लिए यह मुहिम निजी है। उनकी दादी एमिली पॉल उन एक लाख पचास हजार बच्चों में शामिल थीं, जिन्हें 1840 के दशक से 1990 के दशक के बीच यूरो-कनाडाई संस्कृति सिखाने के लिए जबरन आवासीय स्कूलों में रखा गया था।

हार्पर के मुताबिक कई लोगों की तरह उनका परिवार भी सरकार की ऐसी दमनकारी नीति के प्रभाव से उबर नहीं पाया। इन नीतियों ने परिवारों को अलग कर दिया। परिवारों में नशे की लत और हिंसा पैदा हो गई। इसका असर कई पीढ़ियों ने देखा और आज भी देख रहे हैं। हार्पर ही खुद को नशे की लत से 2014 में निजात दिला पाईं। दूसरी ओर उनके भाई ने 32 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली।

Next Post

साहसी कारनामों के लिए 22 ‘बालवीरों’ को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजा

Thu Jan 23 , 2020
नई दिल्ली राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2020 (राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार) का वितरण किया। इसके तहत कुल 22 बच्चों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले 22 बच्चों में से 10 लड़कियां और 12 लड़के हैं। सम्मानित वीर बच्चों में दो जम्मू-कश्मीर […]