शबाना आज़मी के लिए मौत की दुआ मांगने वाली सरकारी टीचर अब ख़ुद मुसीबत में हैं

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। ये जो हिन्दू-मुस्लिम को लेकर ज़हर भरा जा रहा है ये ख़बर उसी का उदहारण है। इस नफ़रत के बीच हमारे बेसिक इमोशन भी ख़त्म होते जा रहे हैं लेकिन हमें इसका अंदाज़ा नहीं लग रहा। आप खुद सोचिए अगर कोई दुर्घटना में घायल है तो आपका पहला रिएक्शन दुःख ही होगा चाहे वो दुश्मन भी क्यों न हो लेकिन जब दुर्घटनाओं, मौतों, लीचिंग में मार दिए गए लोगों को देख कर ख़ुशी होने लगे तो सच में हमें ख़ुद को धरती के सबसे निर्दयी प्राणियों में शामिल कर लेनी चाहिए।

बीते 18 जनवरी को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर शबाना आजमी की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया था। गाड़ी में जावेद अख्तर भी मौजूद थे, लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं आई थी। इस एक्सीडेंट में शबाना आजमी को गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में एडमिट कराया गया था।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक टीचर का नाम है मृदुला शुक्ला है जो 50 साल की हैं। ग्रेटर नोएडा के दादरी के जूनियर हाई स्कूल में इनकी पोस्टिंग थी। शबाना आजमी के एक्सीडेंट के बाद मृदुला ने कथित तौर पर उनकी ‘मौत की दुआ’ मांगी थी, जिसे लेकर उन्हें निलंबित करने का फैसला किया गया है।

मामले पर बात करते हुए अधिकारी ने कहा, “शुक्ला ने अपने फेसबुक पोस्ट पर एक आपत्तिजनक कमेंट किया था। यह मामला हमारे पास सोमवार को आया और उनका कमेंट उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों के विरुद्ध पाया गया।”

अधिकारी ने आगे कहा कि फिलहाल शुक्ला को अनिश्चितकालीन समय के लिए सस्पेंड किया गया है और शिक्षा विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। यह सस्पेंशन मामले की जांच पूरी होने पर निर्भर करता है। जांच पूरी होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि जब शबाना आजमी का एक्सिडेंट हुआ था, तो कथित तौर पर मृदुला शुक्ला ने उनके मरने की प्रार्थना करते हुए फेसबुक कमेंट किया था।

27 जनवरी को गौतम बुद्ध नगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद प्रसाद ने ये फैसला किया तथा सस्पेंशन लेटर में लिखा, “मृदुला ने शबाना आजमी के लिए फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट लिखा था। ये पोस्ट यूपी सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 का उल्लंघन था। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया जा रहा है।”

इस बीच यह खबर भी सामने आई है कि जब मृदुला के फेसबुक को खंगाला गया तो, उस पर कई सरकार विरोधी पोस्ट भी पाए गए। हालांकि यह नहीं कहा जा सकता कि मृदुला पर यह कार्यवाही शबाना पर किए गए उनके पोस्ट को लेकर की गई है, या फिर सरकार विरोधी पोस्ट किए जाने पर।

Next Post

भाजपा में शामिल होकर अपने खेल के लिए क्या कहना है साइना नेहवाल का

Wed Jan 29 , 2020
विभव देव शुक्ला फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों का राजनीति में शामिल होना कभी नया नहीं रहा है और न हो सकता है। कभी चुनावों की आहट होने पर कभी छोटे-बड़े कारणों के चलते खेलों से निकल कर आने वाले खिलाड़ी अक्सर राजनीतिक दलों का हिस्सा बनते हैं। इसी कड़ी में […]