सरपंच ने रची हैवानियत

प्रजातंत्र ब्यूरो, मनावर (धार)

मनावर मॉब लिंचिंग… एडवांस वापस लेने आए खेत मालिकों को बच्चा चोर बताकर रोकने के फोन करने व ग्रामीणों को भड़काने के आरोप में भाजपा समर्थित सरपंच गिरफ्तार, पुलिस ने किया दावा

मनावर के बोरलाई में बुधवार को हुई मॉब लिंचिंग की घटना के बाद पुलिस ने पास के गांव के सरपंच रमेश जूनापानी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा समर्थित सरपंच रमेश पर भीड़ का नेतृत्व करने और लोगों को भड़काने का आरोप है। इस बीच लापरवाही बरतने पर आईजी ने मनावर थाने के टीआई युवराज सिंह चौहान समेत छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

विस्तृत जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है। करीब 40 ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है जिन्होंने लोगों पर हमला बोला था।

घटना के बाद बोरलाई और आसपास के गांवों में पुलिस ने रातभर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। रमेश जूनापानी के अलावा सत्या और गलिया को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है जो वारदात के फुटेज खंगाल रही है। इस बीच एसपी आदित्यप्रताप सिंह ने बताया टीआई और सब-इंस्पेक्टर सहित सस्पेंड किए गए 6 पुलिसकर्मी मनावर थाने के हैं। घटना में संबंधित तिरला थाना स्टॉफ की लापरवाही को भी जांचा जा रहा है।

डीजीपी बोले मनावर की घटना दुखद : बैठक के बाद डीजीपी वीके सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मनावर घटना दुखद है। सोशल मीडिया पर चलने वाली गलत जानकारी पर लोगों को भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि कोई अपराधी भी है तो सूचना पुलिस को देना चाहिए।
ये हुए सस्पेंड : मनावर टीआई युवराजसिंह चौहान, एसआई शंकरलाल पाटीदार, एएसआई नंदलाल सलोने, आरक्षक राघवेंद्र परमार, चंद्रप्रकाश पंवार, नवल डामोर को सस्पेंड किया गया है।

सरकार कराएगी हमले में घायलों का इलाज

स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट सुबह घटना में घायल हुए पीड़ितों से मिलने चोइथराम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उनसे स्थिति जानी और आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सभी घायलों के इलाज का खर्च सरकार करेगी। मृतक गणेश के परिवार को दो लाख की आर्थिक मदद दी जाएगी।

रमेश के फोन से इकट्ठा होने की खबर

गिरफ्तार किए गए रमेश जूनापानी को लेकर ग्रामीणों में दो तरह की चर्चा है। पहली खबर ये है कि उसी ने गांववालों को फोन करके जान बचाकर भाग रहे लोगों को बच्चा चोर बताकर रोकने के लिए कहा था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। रमेश को लेकर बोरलाई के लोग यह भी बोल रहे हैं कि जब भीड़ लोगों की जान लेने पर आमादा थी तब रमेश उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश कर रहा था।

रुपए लेने वाले पांचों मजदूर घटना के बाद गांव से गायब

जिन पांच मजदूरों अवतार, जामसिंह, महेंद्र, राजेंद्र और सुनील से इंदौर-उज्जैन के किसान एडवांस वापस लेने पहुंचे थे, वे सभी घटना के बाद से गायब हैं। पुलिस इनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है क्योंकि खड़किया में इनसे हुए विवाद के बाद ही 6 लोग जान बचाकर भागे थे जिन्हें बोरलाय में घेरकर पीटा गया जिसमें एक की मौत हो गई।

बोरलाई की सड़कों पर सन्नाटा

ग्राउंड रिपोर्ट… लोग आखिर तक पूछते रहे जब इनके पास कोई बच्चा नहीं तो पीट क्यों रहे हो?

स्थान : बोरलाई (मनावर)
वक़्त : गुरुवार, दोपहर 12 बजे

ठीक यही वक़्त था जब बुधवार को जूनापानी के सरपंच रमेश के नेतृत्व में आस-पास के कई गांवों के लोगों की भीड़ 6 लोगों को जान से मारने पर तुली हुई थी। एक निर्दोष की लाठी-पत्थरों से हत्या के बाद भी हमलावर हैवान बने हुए थे। बचे लोगों को पेट्रोल डाल जिंदा जलाने पर आमादा थे पर अब गांव में सन्नाटा पसरा है। पहली बार गांव में एसपी के साथ इतनी पुलिस को देख लोग घबराहट में है। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं लेकिन प्रजातंत्र ने उस व्यक्ति दिनेश जायसवाल से बात की जिसने दो लोगों की जान बचाने के लिए गुस्साई भीड़ का सामना किया। गांव की महिला चम्पाबाई ने भी लोगों को रोकने की कोशिश की थी, पर भीड़ के आगे वे भी बेबस हो गईं। लोग आखिर तक पूछते रहे कि जब इनके पास कोई बच्चा है ही नहीं तो बेवजह क्यों पीट रहे हो?

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