कोरोना के दौर में ‘जोकर’ फिल्म के मुख्य अभिनेता ने मांसाहार पर क्या कहा

विभव देव शुक्ला

पूरी दुनिया ने कोरोना वायरस का सामना बिलकुल आमने-सामने रह कर किया। आमने-सामने की इस लड़ाई में सैकड़ों लोगों ने जान भी गंवाई, चीन के वुहान शहर से शुरू हुए इस वायरस की वजह भी बेहद चौंकाने वाली थी। चीन के वुहान शहर में एक मंडी लगती है, उस मंडी में सब्जियों के अलावा बाकी सब कुछ बिकता है।
वुहान शहर की इस मंडी में कुल 110 से अधिक ज़िंदा और मरे हुए जानवरों की प्रजाति बिकती है और कई प्रजातियों को लोग ज़िंदा ही खाते हैं। कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की जांच पड़ताल के बाद जानकारों ने कहा कुछ जीवों को खाने से इस वायरस का प्रभाव और दायरा काफी ज़्यादा बढ़ गया।

जानवरों के लिए हमारा रवैया
यानी समाधान पर चर्चा करते हुए सबसे पहले एक बात निकल कर आई, हर तरह के जीवों को खाने पर रोक लगानी होगी। ऐसा किसी और ने नहीं बल्कि कोरोना वायरस का समाधान तलाश रहे जानकारों का कहना था। साल 2019 में 2 अक्टूबर के दिन ‘जोकर’ नाम की फिल्म आई थी, उसमें मुख्य किरदार निभाया था जोकविन फीनिक्स ने। इंग्लैंड के लंदन में एक प्रदर्शनी के दौरान मीडिया वालों से बात करते हुए उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बातें रखीं। सबसे पहले उनका कहना था पूरी दुनिया में पर्दे के पीछे जानवरों को मारने और काटने का काम होता है।

अक्सर नज़रअंदाज़ करते हैं
तमाम जगहों जैसे बड़े कसाईखानों में यही काम बड़े पैमाने पर होता है। जहाँ एक बार में सैकड़ों और कभी-कभी हज़ारों जानवरों को खत्म कर दिया जाता है। न जाने कैसे लोग इस तरह की चीज़ों को नज़रअंदाज़ कर लेते हैं लेकिन असल में ऐसी चीज़ों को नज़रअंदाज़ करना संभव नहीं है। हमें असल में इस मुद्दे को लेकर कुछ बड़ा और बेहतर करने की ज़रूरत है।
इस मुद्दे पर एक-दूसरे को लेकर किसी तरह की धारणा बनाने या एक दूसरे पर आरोप लगाने की बजाय हमें इस बारे में लोगों को जागरूक करने और मदद करने की ज़रूरत है। हमें जीवों को लेकर और जागरूक बनने की ज़रूरत है आखिर कैसे हम उनके साथ होने वाली ज़्यादती को रोक सकते हैं। क्योंकि जानवरों का मुद्दा ऐसा है जिस पर हम बहुत कुछ कर सकते हैं।

इस पर बात करने की ज़रूरत
मैं खुद अपनी ज़िन्दगी में इस मामले को लेकर बदलाव लाने की कोशिश कर रहा हूँ। अंत में उनका कहना था कि मैं लोगों से गुज़ारिश करता हूँ कि वह मुझसे इस मुद्दे पर बात करें। मैं इस बारे में वैसे भी कम ही जानता हूँ और जानने की कोशिश कर रहा हूँ तो लोग मुझे इस बारे में जागरूक कर सकते हैं। हमें इस मुद्दे पर खुल कर बात करने की ज़रूरत है और एक दूसरे को सुनने की ज़रूरत है। क्योंकि जानवरों से जुड़ा मुद्दा ऐसा है जिसे लेकर बड़े पैमाने पर जागरूक होने और समझने की ज़रूरत है कि यह मुद्दा कितना अहम है?

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