अमेरिका ने अलकायदा नेता कासिम रिमी को मार गिराया

वॉशिंगटन

सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल किया था अमेरिका ने, एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा था

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि यमन में आतंकवाद रोधी एक बड़े अभियान के तहत अमेरिकी बलों ने ‘अलकायदा इन अरब पैनिन्सुले’ (एक्यूएपी) के संस्थापक एवं नेता कासिम अल रिमी को मार गिराया है। इसी जिहादी समूह ने अमेरिकी नौसैन्य अड्डे पर गोलीबारी की जिम्मेदारी ली थी।

अलकायदा प्रमुख अयमान अल जवाहिरी के सहयोगी रिमी (46) को 2015 में अमेरिका के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल किया गया था। अमेरिका ने रिमी की सूचना देने वाले को एक करोड़ डॉलर का पुरस्कार देने की घोषणा की थी। एक्यूएपी को अलकायदा की सबसे खतरनाक इकाई माना जाता रहा है जो अमेरिका पर हमला करने की कोशिशें करता रहा है। रिमी ने 18 मिनट के अपने वीडियो में कहा था कि फ्लोरिडा में अमेरिकी नौसैन्य अड्डे पर छह दिसंबर को हुई गोलीबारी के पीछे उसी के समूह का हाथ था। इस हमले में एक सऊदी वायुसेना अधिकारी ने तीन अमेरिकी नाविकों की हत्या कर दी थी।

ड्रोन हमले में मारा गया रिमी : अमेरिका एक्यूएपी को ओसामा बिन लादेन द्वारा स्थापित अल कायदा की सबसे खूंखार शाखाओं में से एक मानता आया है। यमन में ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि मरिब इलाके में रिमी ड्रोन हमले में मारा गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि वह इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं कर पाया है। यमन के एक सरकारी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया है कि मरिब में एक ड्रोन हमला हुआ है लेकिन उस हमले में रिमी नहीं मारा गया है। दूसरी ओर ट्रंप ने कहा है कि उनके निर्देश पर अमेरिकी ने आतंकरोधी ऑपरेशन को अंजाम दिया है। रिमी ने ही पिछले साल अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित पेंसकोला नौसैनिक बेस पर एक सऊदी ट्रेनी ने फायरिंग कर तीन अमेरिकी नौसैनिकों की हत्या कर दी थी।

रिमी ने ली थी हमले की जिम्मेदारी

रिमी ने 18 मिनट लंबे वीडियो संदेश में पिछले साल 6 दिसंबर को हुए अमेरिकी नेवल बेस पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। रिमी ने सऊदी अरब के शूटर मोहम्मद अलशमरानी को “साहसिक”, “योद्धा” और “हीरो” बताया था। शूटर सऊदी एयरफोर्स का अफसर था। उसने बेस पर स्थित क्लासरूम में फायरिंग कर दी थी।

अल-जवाहिरी का करीबी था कासिम

व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशन में अमेरिका ने यमन में एक आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया, जिसमें अल कायदा के आतंकी कासिम अल-रिमी को मार गिराया गया है। वह अल-कायदा के अरब प्रायद्वीप ईकाई का संस्थापक था। वह अल-कायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी का करीबी था।

विश्वस्तर पर कमजोर पड़ेगा अलकायदा : ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा, “रिमी के नेतृत्व में अल कायदा इन अरब पेनिनसुला (एक्यूएपी) ने यमन में नागरिकों के खिलाफ अनुचित हिंसा की, अमेरिका और हमारी सेना के खिलाफ कई हमलों को अंजाम दिया। बयान में ट्रंप ने आगे कहा, उसकी मौत से एक्यूएपी और कमजोर होगा, साथ ही विश्व स्तर पर अल कायदा भी कमजोर पड़ेगा। यह हमें हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले ऐसे संगठनों का अंत करने के हमारे लक्ष्य के और करीब लाता है।

विदेश नीति की सक्रियता से ट्रंप की पाट को मिलेगा लाभ

प्रोफेसर हर्ष वी पंत (किंग्स कॉलेज लंदन) इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि निश्चित रूप से ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का लाभ अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव में उनकी पर्टी को मिलेगा। प्रो. पंत का मानना है कि यह ट्रंप का कोई अनूठा प्रयोग नहीं है। इसके पूर्व भी कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने विदेश नीति को अपने पार्टी की बढ़त के लिए हथियार बनाया। उनका मानना है कि राष्ट्रपति चुनाव के समय अक्सर अमेरिकी विदेश नीति की सक्रियता बढ़ जाती है। इसके पीछे चुनावी प्रयोजन ही होता है। इसके पूर्व भी अन्य अमेरिकी राष्ट्रपतियों द्वारा यह प्रयोग किया है। पंत इसे अमेरिकी विदेश नीति की सक्रियता कहते हैं।

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