मुंबई के बाद अब हैदराबाद में हॉर्न बजाने पर बढ़ जाएगा सिग्नल का समय

विभव देव शुक्ला

देश की सड़कों पर होने वाले ध्वनि प्रदूषण का कोई हिसाब नहीं है। जितनी गाड़ियाँ बढ़ती जा रही हैं माहौल में गाड़ियों का शोर बढ़ना भी उतना ही स्वाभाविक है। छोटे शहरों में हालातों पर काबू करने के लिए जद्दोजहद जारी है लेकिन महानगरों की स्थिति खराब है। हर शहर की यातायात पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कैसे इस तरह के प्रदूषण पर रोक लगाई जाए। हैदराबाद यातायात पुलिस ने ध्वनि की समस्या का सामना करने के लिए एक तरीका खोजा है।

साउंड मीटर में दर्ज होगा डेसिबल
हैदराबाद यातायात पुलिस सिगनल्स पर साउंड मेज़रमेंट मीटर लगाने की तैयारी कर रही है। जिसके काम करने का तरीक़ा बेहद सधा हुआ होगा। अगर सिग्नल पर आवाज़ बढ़ जाती है तब इंतज़ार करने का समय अपने आप बढ़ जाएगा। जब तक हॉर्न का डेसिबल सामान्य नहीं होगा तब तक गाड़ियों के जाने का सिग्नल नहीं होगा। हैदराबाद यातायात पुलिस के एसीपी ने समाचार एजेंसी एएनआई से इस बारे में बात करते हुए कई अहम बातें बताईं।
उनका कहना था हैदराबाद यातायात पुलिस ने ग्रेटर हैदराबाद नगरपालिका से व्यस्त चौराहों पर साउंड मीटर लगाने की बात कही है। जिन चौराहों पर ध्वनि प्रदूषण ज़्यादा होता है उन चौराहों पर यह सबसे पहले लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा इस मामले को लेकर हम हैदराबाद पुलिस के संपर्क में भी हैं। मुंबई यातायात पुलिस ने इस तरह के साउंड मीटर परीक्षण के लिए लगा रखे हैं। हम उनसे भी संपर्क में बने रहेंगे कि यह वहाँ कितना प्रभावी है।

मुंबई यातायात पुलिस ने बनाया वीडियो
हाल ही में मुंबई यातायात पुलिस ने इस पहल की शुरुआत की जिसमें इस तरह के साउंड मीटर को शामिल किया है। यह साउंड मीटर यातायात सिग्नल पर लगा होगा और हॉर्न बजाते हुए अगर ध्वनि प्रदूषण का डेसिबल बढ़ता है तो सिग्नल का समय खुद बढ़ जाएगा। इस पहल को लेकर मुंबई यातायात पुलिस ने एक वीडियो भी बनाया था, उस वीडियो की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा भी हुई थी। लोगों का कहना था कि इस पहल के ज़रिये लोगों को जागरूक करने में काफी मदद मिलेगी।

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