बरेली को अपना गिरा हुआ झुमका आख़िरकार 54 साल बाद मिल ही गया

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। कई सालों के इंतजार के बाद बरेली को उसका गिरा हुआ झुमका वापस मिल गया है। दरअसल, 1966 में राज खोसला के निर्देशन में बनी फिल्म ”मेरा साया” का गाना ”झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में” ये तो आपने सुना ही होगा। इस गाने के रिलीज होने के बाद बरेली का नाम लोगों की जुबां पर चढ़ गया था।

अब बरेली का जिक्र होते ही यह सवाल भी होने लगता था कि भई झुमका मिला या नहीं। लेकिन अब ये सवाल नहीं पूछा जायेगा क्योंकि इस गाने में अपना झुमका ढूंढते हुए परेशान एक्ट्रेस की वो तलाश अब खत्म हो गई है। दरअसल, अब शहर को वो गिरा हुआ झुमका वापस मिल गया है।

बरेली ने आखिरकार 54 साल में फिल्म अदाकारा साधना का वह झुमका, जो बरेली के बाजार में खो गया था, उसे तलाश लिया है। अब बरेली में झुमका तिराहा बनाया गया है। यहां एक पोल पर झुमके की आकृति को बनवाया गया है, जो लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्थित एनएच 24 का जीरो पॉइंट अब लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इसकी वजह है यहां बनाया गया झुमका तिराहा। इस तिराहे से गुजरने वाले लोग खास झुमके को देख उसकी तस्वीर लेने से खुद को नहीं रोक पाते हैं। यहां कोई झुमके के साथ सेल्फी लेता है तो कोई इसकी अलग-अलग तस्वीरें अपने कैमरे में कैद करता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरेली की शान बढ़ाने के लिए लगाए गए इस झुमके का वजन करीब 200 किलोग्राम है। इस झुमके को 14 फुट की ऊंचाई पर लगाया गया है। इस झुमके के निर्माण में रंगीन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इन पत्थरों पर बरेली की मशहूर जरी कारीगरी की छाप भी उकेरी गई है।

इस झुमके के निर्माण पर करीब 18 लाख रुपए की लागत आई है। इसमें झुमका निर्माण पर 8 लाख रुपए और इसे लगाने के लिए बनाए गए मुख्य स्ट्रक्चर और आसपास की जगह की खूबसूरती बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।

झुमका लगाने की शुरुआत फिल्म ”मेरा साया” के गाने ”झुमका गिरा रे” के सिल्वर जुबली यानी की 50 साल पूरे होने पर की गई थी। बरेली विकास प्राधिकरण की योजना थी की ये फ़िल्म अभिनेत्री साधना के लिए श्रद्धांजलि भी होगी लेकिन झुमका लगाने के लिए इसमें लगने वाली लागत की वजह से ये नहीं हो पाया क्योंकि बीडीए के पास इतना पैसा नहीं था जिसके बाद शहर के लोगों से सहयोग मांगा गया।

इसके बाद इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के मालिक डॉ. केशव अग्रवाल ने झुमका लगाने की जिम्मेदारी ली.जिसके बाद बीडीए के सहयोग से आखिरकार झुमका लगकर तैयार हो गया। जिसका लोकार्पण केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने किया।

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