पहले गोबर खाओ, गोमूत्र पियो तब जाकर बिरादरी में जगह दी जाएगी

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। जाति-बिरादरी जब इंसानियत से बड़ी हो जाए तो ऐसे किस्से अक्सर सुनने को मिल जाते हैं। जाति-धर्म का ज़हर इस कदर समाज में घुला हुआ है कि इसे बचाने के लिए हम अब किसी की जान लेने से भी नहीं कतरा रहे हैं।

दरअसल घटना उत्तर प्रदेश के झांसी ज़िले की है। यहां के खाप पंचायत ने अंतरजातीय शादी करने पर दंपती को गोमूत्र पीने और गोबर खाने की शर्त पर बिरादरी में वापस शामिल करने का फरमान सुनाया है। पंचायत ने ऐसा ना करने पर दंपती पर पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। युवक ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की, इस पर पुलिस ने पंचों को हिदायत दी कि दंपती को परेशान न करें। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है।

शहर के प्रेमनगर इलाके में रहने वाले युवक ने 30 जून 2015 को अंतरजातीय विवाह किया था। इस वजह से बिरादरी के लोगों ने उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया था। जब्कि यह शादी दोनों ही परिवारों की रज़ामंदी से हुई थी लेकिन समाज के लोगों को यह पसंद नहीं थी, इसलिए उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया।

भूपेश यादव के मुताबिक़, “समाज से बहिष्कृत करने के अलावा हमारे पिताजी को धमकियां भी दी जाती थीं। पिछले साल बहन की शादी हुई तो उसमें समाज का कोई व्यक्ति नहीं आया। अब पंचायत में ये फ़ैसला सुनाया गया है कि समाज से बहिष्कार का फ़ैसला इस शर्त पर वापस हो सकता है कि मेरी पत्नी को गोबर खाना पड़ेगा और गोमूत्र पीना पड़ेगा। ऐसा न करने पर पाँच लाख रुपए देने पड़ेंगे। हमने पंचायत की शर्त को मानने से इनकार कर दिया।”

यह बेतुकी शर्त माननी है या नहीं इस पर दंपती के निष्कर्ष के लिए फिर पंचायत अपना अंतिम निर्णय सुनाने वाली ही थी कि इसके पहले युवक ने जिलाधिकारी से शिकायत कर दी। डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट सलिल पटेल को भेजकर पंचों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अंतरजातीय विवाह पर बने कानून की जानकारी दी।

हिदायत दी गई कि यदि किसी ने भी दंपती का उत्पीड़न या बहिष्कार किया तो उसे बक्शा नहीं जाएगा। खाप पंचायत में शामिल 6 पंचों के खिलाफ शांति भंग के आरोप में निरोधात्मक कार्यवाही भी की गई है।

Next Post

बीजेपी विधायक ने उस कैब ड्राइवर को सम्मानित किया जिसने सीएए विरोधी को पुलिस थाने पहुंचाया था

Sun Feb 9 , 2020
नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। देशभर में नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। मुंबई में एक कैब ड्राइवर ने नागरिकता कानून के विरोध में बात करने पर अपने पैसेंजर को थाने पहुंचाया था। अब भारतीय जनता पार्टी ने उबर के उस कैब ड्राइवर को सम्मानित किया है। कैब ड्राइवर […]