महिला पावरलिफ्टर ने कहा देश के लिए खेली, 30 की हो चुकी हूँ फिर भी सरकारी नौकरी नहीं

विभव देव शुक्ला

भारतीय खेलों के खिलाड़ी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, कभी अपने प्रदर्शन के चलते और कभी परेशानियों के चलते। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खेल पसंद लोग ज़रूर गौर फ़रमाते हैं लेकिन जब एक खिलाड़ी परेशानियों में होता है तब वह गौर नहीं कर पाते हैं। भारतीय पैरा-पावरलिफ्टर सकीना खातून के मामले में कुछ ऐसा ही हुआ है, तमाम परेशानियों के चलते उन्होंने भारतीय खेल मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है।

कॉमनवेल्थ में जीता कांस्य
साल 2014 में हुए कॉमन वेल्थ खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली सकीना खातून ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने खेल मंत्रालय से सरकारी नौकरी की मांग की है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा मैंने स्पोर्ट्स एथोरीटी ऑफ इंडिया के निदेशक को कई बार पत्र लिखा है।
इसके अलावा मैं डीजी से भी मिली हूँ। हमारे जैसे खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधा नहीं हैं, मुझे नौकरी तक नहीं मिल रही है। जबकि मैंने एशियाई खेलों में भी पदक जीता था लेकिन फिर भी मुझे सरकारी नौकरी नहीं मिल रही है। तमाम खिलाड़ियों का यही हाल है, उन्हें तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

नहीं आया खेल मंत्रालय से जवाब
इसके अलावा उन्होंने कहा मैंने बहुत कुछ किया है लेकिन उतने के बावजूद कोई मदद नहीं मिलती है। मंत्रालय और स्पोर्ट्स एथोरीटी से जवाब नहीं आता। मैंने स्पोर्ट्स एथोरीटी ऑफ इंडिया के निदेशक से भी मिली और नौकरी के लिए निवेदन किया लेकिन सब अनसुना कर दिया गया। मैं टॉप्स (TOPS) का हिस्सा भी नहीं हूँ।
इसके लिए कई बार प्रयास किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। सकीना का कहना था कि टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम का हिस्सा न होने की वजह से उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें अपने खर्च भी खुद ही उठाने पड़ते हैं, उन्होंने बहुत बार खेल मंत्री किरण रिजेजू से मिलने की कोशिश की लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

खेलना वाली हैं ओलंपिक में
अंत में उन्होंने कहा मैं 8 महीने पहले टोक्यो पैरा ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर चुकी हूँ लेकिन सरकार से मदद नहीं मिलेगी तो मेरे लिए पदक लेकर आना बिलकुल आसान नहीं होगा। मैंने ऐसे बहुत से खिलाड़ियों को देखा है जो चोट के बाद अपना प्रदर्शन बरकार नहीं रख पाते हैं। मेरी उम्र भी 30 साल हो गई लेकिन अभी तक मेरे पास कोई सरकारी नौकरी नहीं है।

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