इंदौर में मिले बांग्लादेशी जालसाज,फर्जी मार्कशीट से पासपोर्ट-आधार बनवाए।

इंदौर (नगर संवाददाता)।

देह व्यापार व नकली नोट को बनाया कमाई का जरिया, सुरक्षा एजेंसियों की खुली पोल

स्कूलकर्मी अनिल पिता राममनोहर पाल निवासी गौरीनगर के अपहरण मामले में पकड़े गए आरोपियों में से तीन बांग्लादेशी निकले हैं। इनसे पूछताछ कर रही पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। गिरोह में शामिल तीन महिलाएं पहले भारत में अवैध रूप से घुसीं, फिर भारत और बांग्लादेश के पासपोर्ट बनवा लिए थे। इनका देह व्यापार से कनेक्शन भी मिला है। इतना ही नहीं किरायानामा के आधार पर इन्होंने इंदौर में ही अपने आधार कार्ड भी बनवा लिए। इनमें से एक नकली नोट छापने का आरोपी भी है। इन गड़बड़ियों ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों की पोल खोलकर रख दी है।

जालसाजी-1 : भारत में घुसे

बगैर किसी दस्तावेज के भारत में की घुसपैठ

डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया पकड़े गए आरोपी लीमा व रोनी शेख बिना वैध दस्तावेजों और पासपोर्ट के भारत में घुस आए। रोनी शेख व लीमा को आरोपी किशोर खंडारे के पास देह व्यापार की नीयत से लाया गया था।
आरोपी मेघा खंडारे बांग्लादेशी नागरिक है। वह 10 साल पहले काम की तलाश में अवैध रूप से मुंबई में आई थी। यहां आने के बाद वह देह व्यापार में लिप्त हो गई। फिर इसी दौरान तीन साल पहले उसने वाशिम (महाराष्ट्र) में रहने वाले ड्राइवर किशोर खंडारे से शादी कर ली। इसी अवधि में उसने वापस बांग्लादेश जाकर वहां से बांग्लादेश का पासपोर्ट भी बनवा लिया। उसका असली नाम बेगम खातून पिता अब्दुल शेख है जो कि ग्राम पुलिया, सतखिला, बांग्लादेश की निवासी है। उसके पास बेगम खातून के नाम से बना बांग्लादेशी पासपोर्ट भी जब्त हुआ है।

जालसाजी-2 : नकली पासपोर्ट

11 माह का किराएदारी अनुबंध कर बनवा लिया पासपोर्ट

आरोपी बेगम खातून उक्त पासपोर्ट पर वीजा प्राप्त कर 2017 में फिर से भारत आई थी तथा काम की तलाश में अपने पति के साथ इंदौर में आकर यहां अलग-अलग स्थानों पर किराए के मकान लेकर रही। इधर, आरोपी किशोर खंडारे और बेगम खातून उर्फ मेघा ने देह व्यापार को ही अपनी आजीविका का जरिया बनाया। इसके बाद वीजा अवधि समाप्त हो जाने पर उसने पति किशोर खंडारे के साथ मिलकर मेघा खंडारे के नाम से भारत का पासपोर्ट भी हासिल कर लिया। शातिर बेगम खातून और मेघा के पति किशोर खंडारे ने पासपोर्ट के लिए अपने मकान मालिक से किराएदारी का 11 माह का अनुबंध बनवाकर उसके आधार पर मेघा के आधार कार्ड में इंदौर का पता अपडेट करा लिया। इसकी भी भनक यहां स्थानीय स्तर पर किसी भी सुरक्षा एजेंसी को नहीं लगी।

जालसाजी-3 : फर्जी अंकसूची

इंदौर के दो लोगों से 8 हजार रुपए में बनवा ली 8वीं की अंकसूची

इसी कड़ी में आरोपियों ने मरीमाता चौराहे के पास कम्प्यूटर की दुकान चलाने वाले शिवकुमार यादव पिता बजभानसिंह यादव निवासी ब्रह्मबाग कॉलोनी के माध्यम से 8 हजार रु. में अशोक पिता तोताराम अग्रवाल निवासी नंदा नगर से 2003-04 की कक्षा 8वीं की फर्जी अंकसूची तैयार करवाई।

उनके कब्जे से भारत का पासपोर्ट, फर्जी अंकसूची सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस ने नकली अंकसूची बनाने वाले एवं सहयोग करने वाले आरोपी शिवकुमार यादव एवं अशोक अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी अशोक ने बताया कि इसके द्वारा 5वीं और 8वीं की 100 से ज्यादा फर्जी मार्कशीट बनाई गई है। अधिकांश अंकसूची उसने आरटीओ इंदौर से जुड़े बाबूलाल पिता नारायण गौड निवासी को दी है। बाबूलाल फर्जी अंकसूची के आधार पर विभिन्न लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने तथा उन्हें खेलों में शामिल कराने का काम करता है। पुलिस ने बाबूलाल को भी गिरफ्तार किया है।

जालसाजी-4 : नकली नोट

बाजार में चलाए 8 से 10 हजार नकली नोट

आरोपी किशोर 2018 में विश्वास नगर इंदौर में रहता था, तब उसके दिमाग में नकली नोट प्रिंट करने का विचार आया। इसके लिए उसने रंगीन फोटो कॉपी प्रिंटर खरीदा और घर में 100, 200 व 500 रु. के नोटों की फोटोकॉपी कर 8 से 10 हजार नोट पीथमपुर व महू में चला दिए। उसके कब्जे से दो नमूना नकली नोट जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज, नकली नोट बनाने व चलाने, पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन व विदेशी विषयक अधिनियम के उल्लंघन सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।

यह था मामला

पिछले हफ्ते अनिल पाल का योजनाबद्ध तरीके से अपहरण किया गया था। आरोपियों ने परिजन को फोन कर दो लाख रु. खाते में जमा करने को कहा था और नहीं करने पर उसे जान से खत्म करने की धमकी दी थी। तफ्तीश के बाद पुलिस ने 5 फरवरी की शाम दत्त नगर में एक मकान पर दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। रिमांड में हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि इनमें आरोपी किशोर पिता उत्तम खंडारे तो मूलत: वायांगड़ (महाराष्ट्र) का रहने वाला है, जबकि मेघा पति किशोर खंडारे, रोनी शेख पिता रोहित शेख दोनों कठुआ जिला बागेरहट (बांग्लादेश) एवं लीमा पिता हैदर हलदर बागेरहट (बांग्लादेश) की रहने वाली है।

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