प्रत्याशियों के ‘अपराध’ अपनी वेबसाइट पर बताएं पार्टियां

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट का सभी राजनीतिक दलों को आदेश, अपराधियों को उम्मीदवार बनाने की वजह जनता को बताएं

राजनीति के बढ़ते अपराधीकरण से चिंतित सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सभी राजनीतिक दलों को निर्देश दिया कि वे चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का विवरण अपनी वेबसाइट पर डालें। शीर्ष अदालत ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट पर ऐसे लोगों को प्रत्याशी के रूप में चयन करने की वजह भी बतानी होगी जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। कोर्ट ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार के चयन के 48 घंटे के भीतर या नामांकन के दो हफ्ते के अंदर, जो भी पहले हो, ये जानकारी प्रकाशित कर दी जानी चाहिए।

न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ऐसे प्रत्याशियों के चयन को चुनाव में जीतने की संभावना से इतर उनकी योग्यता और मेरिट न्यायोचित ठहराने की वजह भी बतानी होंगी जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। पीठ ने राजनीतिक दलों को यह भी निर्देश दिया कि वे ये विवरण फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया मंच पर सार्वजनिक करने के साथ ही एक स्थानीय भाषा और एक राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र में इसका प्रकाशन करें। कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे प्रत्याशियों के चयन के बारे में 72 घंटे के भीतर चुनाव आयोग को अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि अगर वह निर्देशों का पालन करने में विफल रहता हैं तो मामले को शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाया जाए। कोर्ट ने राजनीति के अपराधीकरण के मुद्दे पर अपनेे सितंबर 2018 के फैसले से संबंधित निर्देशों का पालन नहीं करने के आधार पर दायर अवमानना याचिका पर ये आदेश दिया। इस फैसले में कोर्ट ने प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि के विवरण की घोषणा के बारे में अनेक निर्देश दिए थे।

लोकसभा में 43 प्रतिशत सांसद दागी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि पिछले चार आम चुनावों में राजनीति के अपराधीकरण में चिंताजनक वृद्धि हुई है। इससे पहले पोल पैनल ने कोर्ट को बताया था कि 2004 में 24% सांसदों की पृष्ठभूमि आपराधिक थी, लेकिन 2009 में ऐसे सांसदों की संख्या बढ़कर 30% और 2014 में 34% हो गई। चुनाव आयोग के मुताबिक मौजूदा लोकसभा में 43% सांसदों के खिलाफ गंभीर अपराध के मामले लंबित हैं।

कांग्रेसी सांसद पर दर्ज हैं 204 केस

2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खाते में कुल 52 सीटें आई थीं। इन 52 सासंदों में से एक थे केरल डीन कुरियाकोस। चुनाव संपन्न होने के बाद डीन कुरियाकोस को लेकर सुर्खियां बनी थीं। कुरियाकोस पर सबसे ज्यादा 204 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इडुक्की लोकसभा सीट से जीते कुरियाकोस ने अपने हलफनामे में यह जानकारी दी थी।

कर्नाटक: 15 मामलों का आरोपी बना मंत्री

कर्नाटक की बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने लौह अयस्क समृद्ध बेल्लारी जिले से चार बार के विधायक आनंद सिंह को वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी मंत्री बनाया है। सिंह पर साल 2012 से अवैध खनन और वन अपराधों के 15 मामले दर्ज हैं। सिंह को ये मंत्रालय उन पर दर्ज अवैध खनन के मामलों के बावजूद दिया गया है।

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