चाकू से हमले में गंभीर घायल दुधमुंही बच्ची ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा

नगर संवाददाता | इंदौर

एक रात पहले ही अस्पताल से नवजात को घर ले गए थे दंपति

जन्म के बाद ही चाकू के हमले से घायल एक दिन की दुधमुंही बच्ची ने आखिरकार एमवाय अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उस पर किसने, क्यों, कैसे और कहां हमला किया, ऐसे कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। वैसे जांच के घेरे में माता-पिता दोनों ही हैं, लेकिन पुलिस को मां पर ज्यादा शक है। बच्ची के घायल होने के दौरान शाजापुर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राणघातक हमले का केस दर्ज किया था, लेकिन अब मामला हत्या में परिवर्तित हो गया है।

शाजापुर जिले की तहसील मोहन बड़ोदिया निवासी दंपति मंजू-दरयाव की एक दिन की बच्ची को बुधवार को एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया था। उस दौरान उसके शरीर पर चाकू के पांच-छह वार थे। डॉक्टरों ने दंपति से पूछताछ की तो वे एक ही बात दोहराते रहे कि उन्हें नहीं मालूम। दूसरी ओर डॉक्टरों का कहना था कि वार चाकू के ही हैं। इसके चलते पुलिस को सूचना देकर बच्ची का ऑपरेशन शुरू किया गया। बच्ची के छोटे-छोटे अंग होने के कारण ऑपरेशन भी काफी जटिल रहा और आंतें फट गईं। कई घंटों तक वह जिंदगी और मौत से संघर्ष करती रही और गुरुवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।

इधर, परिवार के नजदीकी लोगों के मुताबिक मंजू को बुधवार को प्रसूति के लिए मोहन बड़ोदिया के ही सीएनएस (सरकारी) अस्पताल में भर्ती किया गया था। इस दौरान उसने बच्ची को जन्म दिया। कुछ देर बाद मंजू को ब्लीडिंग ज्यादा होने के कारण जिला अस्पताल शाजापुर रैफर किया गया।

इस दौरान जब डॉक्टरों ने बच्ची को देखा तो उस पर घाव थे। तब भी उन्होंने दंपति से पूछा तो उन्होंने कहा कि डिलीवरी के दौरान बच्ची को मेडिकल औजारों (इंस्ट्रूमेंट्स) के घाव लगे हैं। चूंकि मां और बच्ची दोनों की हालत खराब थी, इसलिए डॉक्टरों ने बगैर देर किए इलाज शुरू कर दिया था।

दो घंटे के भीतर लहूलुहान हुई बच्ची

इस बीच कुछ ही देर बाद दंपति बच्ची को लेकर अपने गांव मोहन बड़ोदिया आ गए। यहां बमुश्किल दो घंटे भी नहीं हुए थे कि वे बच्ची को लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे। फिर पूरे समय यही दोहराते रहे कि उन्हें घाव को लेकर कुछ भी पता नहीं है। इधर, रात को जब एमवाय अस्पताल से शाजापुर पुलिस को सूचना दी गई तो मामला टीआई उदयसिंह की जानकारी में आया। इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राणघातक हमले का केस दर्ज किया। बच्ची की मौत के बाद अस्पताल से फिर शाजापुर पुलिस को अवगत कराया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

टीआई उदयसिंह के मुताबिक बच्ची की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद संभव है कि अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाएगा। अब तक की पड़ताल में यह बात सवालिया है कि दंपति दो घंटे के लिए बच्ची को आखिर घर क्यों ले गए। इसमें भी संदेह है कि जिला अस्पताल (शाजापुर) से नहीं बल्कि सीएचएस अस्पताल से बच्ची को घर लाए और फिर जिला अस्पताल ले गए। शंका है कि घर पर ही कुछ विवाद हुआ, जिसमें बच्ची हमले का शिकार हुई। पुलिस को मां की भूमिका पर शक है। शुक्रवार देर रात तक माता-पिता दोनों के ही बयान नहीं हुए थे।

बेटी होने से नहीं थी खुशी

मंजू-दरयाव की पूर्व में भी एक बेटी है। अस्पताल स्टाफ के मुताबिक दूसरी बच्ची को लेकर मंजू को खुशी नहीं थी। दूसरी ओर कुछ ऐसी ही बात सीएचएस और जिला अस्पताल (शाजापुर) से जुड़े लोगों ने कही है। पुलिस कई बिंदुओं पर तफ्तीश कर रही है ।

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