जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने के लिए तुर्की को भारत का दो टूक जवाब

विभव देव शुक्ला

इस बात से शायद ही कोई असहमति दर्ज करा पाए कि जम्मू कश्मीर भारत सरकार के लिए हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहा है। भले जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हट गया हो पर अभी तक राज्य से जुड़ी ख़बरें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। खासकर जब राज्य का कोई मामला हमारे पड़ोसी देशों से जुड़ा हुआ हो तब ख़बर का दायरा अपने आप बढ़ जाता है।
शनिवार के दिन हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और तुर्की ने संयुक्त रूप से एक घोषणा की। घोषणा को लेकर फिलहाल भारत ने प्रतिक्रिया दी है, भारत सरकार का साफ तौर पर कहना है कि राजधानी दिल्ली के आंतरिक मामलों में दखल देने की ज़रूरत नहीं है। सरकार का कहना है कि कोई भी देश तथ्यों की जानकारी के बिना भारत के आंतरिक मामले में दखल न दे।

भारत का स्पष्ट जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए इस मामले पर भारत सरकार का मत साफ किया। जम्मू कश्मीर के मामले पर तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन की बातों का जवाब देते हुए रवीश कुमार ने कहा भारत हर उस पहलू को नकारता है जो जम्मू कश्मीर के आंतरिक हिस्से से जुड़ा हुआ है।
हम तुर्की के राजनेताओं से महज़ इतना कहना चाहते हैं कि वह तथ्यों की जानकारी के बिना भारत के मामले में दखल न दें। उसमें भी जब हालात ऐसे है कि भारत को पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद का बड़े पैमाने पर सामना करना पड़ रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन गुरुवार को पाकिस्तान के दो दिवसीय दौर पर पहुंचे हैं।

पाकिस्तान का साथ मंजूर
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने शुक्रवार को पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और इस दौरान कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया। एर्दोगन ने अपने भाषण में कश्मीर मुद्दे का भी कई बार जिक्र किया। एर्दोगन ने कहा, हमारे कश्मीरी भाई-बहन दशकों से बहुत कुछ झेल रहे हैं और हाल में उठाए गए एकतरफा कदमों की वजह से उनकी पीड़ा और बढ़ गई है।
एर्दोगन ने कहा, हमारी दोस्ती साझा हितों पर नहीं बल्कि प्रेम पर आधारित है। आज कश्मीर का मुद्दा जितना आपके दिल के करीब है, उतना ही हमारे भी है। अतीत की तरह हम भविष्य में भी पाकिस्तान को समर्थन देना जारी रखेंगे। तुर्की के राष्ट्रपति ने आतंकवाद खत्म करने की कोशिशों के लिए पाकिस्तान की सराहना की। उन्होंने कहा, पाकिस्तान शांति और स्थिरता की राह पर है, लेकिन शांति और स्थिरता कुछ दिनों में नहीं आ जाती है, इस पर मेहनत करनी होगी।

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