पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र फोरम में अपने सलाहकार के रूप में एक ट्रांसजेंडर को चुना

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। पाकिस्तान जिसे हर मामलों में भारत से लेकर अमेरिका तक से पिछड़ा देश बताया जाता है ऐसे में किसी महिला ट्रांसजेंडर को संयुक्त राष्ट्र फोरम का सलाहकार बना देना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

पाकिस्तान स्विटजरलैंड के जिनेवा में महिलाओं के खिलाफ भेदभाव उन्मूलन समिति के संयुक्त राष्ट्र सत्र समिति में अपने राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल में एक कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त ट्रांसजेंडर महिला को शामिल करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।

आइशा मुगल आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र फोरम में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली ट्रांसजेंडर महिला बन गई हैं। वह हाल ही में महिलाओं के खिलाफ भेदभाव के सभी रूपों को समाप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में देश के प्रतिनिधिमंडल में शामिल थीं।

मानवाधिकार मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए ट्वीट कर लिखा है, “पाकिस्तान सरकार संयुक्त राष्ट्र समिति में अपनी राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल में कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त ट्रांसजेंडर महिला, सुश्री आइशा मुगल को शामिल करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।”

पाकिस्तानी ट्रांसजेंडर अब जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। लोग न केवल उनकी आवाज़ सुन रहे हैं बल्कि वे उन्हें समाज में उचित सम्मान भी दे रहे हैं। सैयद अली रज़ा (अलीशा) और आइशा मुगल ट्रांसजेंडर समुदाय के दो ऐसे सम्मानित सदस्य हैं और उन्हें न केवल अन्य ट्रांसजेंडरों के लिए बल्कि पाकिस्तान के युवाओं के लिए भी आदर्श माना जाता है।

अलीशा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) पाकिस्तान के लिए समन्वय सलाहकार के रूप में काम कर रही है, जबकि आइशा सलाहकार के रूप में मानवाधिकार मंत्रालय (MOHR) के साथ काम कर रही है।

ट्रांसजेंडरों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न सजावटी उत्पादों की एक प्रदर्शनी में गल्फ न्यूज से बात करते हुए, अलीशा ने कहा कि वह कभी नहीं सोच सकती थी कि वह एक दिन यूएनडीपी पाकिस्तान की एक टीम की सदस्य होंगी ये मेरे लिए एक बड़ा सम्मान और विशेषाधिकार है।

अलीशा आगे कहती हैं, “मुझे योग्यता के आधार पर चुना गया और हम यूएनडीपी में बहुत अच्छा कर रहे हैं। मैंने बहाउद्दीन ज़कारिया विश्वविद्यालय मुल्तान से शिक्षा नियोजन प्रबंधन (ईपीएम) में एम.फिल किया है और पहले सहायक लेखाकार के रूप में एंग्रो फूड्स कंपनी के साथ काम किया है।”

यह पूछे जाने पर कि ट्रांसजेंडरों द्वारा काम की उस छोटी सी प्रदर्शनी में वे क्या कर रहे थे, अलीशा और आयशा ने कहा कि वे केवल अपने समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए आए थे और उन्हें यह बताने के लिए कि दुनिया में सब कुछ संभव है।

इस्लामाबाद के कॉमसैट विश्वविद्यालय से आइशा मानव संसाधन प्रबंधन (एचआरएम) में एम.फिल हैं। आइशा ने इस्लामाबाद के क़ायदे-ए-आज़म विश्वविद्यालय में एक साल तक पढ़ाया है।

आइशा ट्रांसजेंडर के करियर बनाने के स्ट्रगल के बारे में कहती हैं, “दुर्भाग्य से पाकिस्तान में ट्रांसजेंडरों की छवि यौनकर्मियों, नर्तकियों और अपराधियों की है लेकिन अब समय बदल रहा है। हमारे पास एक ट्रांसजेंडर टीवी एंकर, नेशनल डेटाबेस एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (NADRA) में एक ट्रांसजेंडर कर्मचारी, एक टीवी चैनल में एक मेकअप आर्टिस्ट और कई अन्य उदहारण मौजूद हैं।”

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