20 साल रहे लिव इन में, 70 साल की उम्र में की शादी

ललितपुर

बैजू और गोली देवी की प्रेम कहानी का प्लेटफॉर्म बना ललितपुर स्टेशन

प्रेम के किस्से तो कई सुने होंगे लेकिन दो बुजुर्गों की ये प्रेम अजब ही है। यह कहानी उत्तर प्रदेश में ललितपुर जिले के तालबेहट तहसील के रहने वाले 74 साल के बैजू कुशवाहा अपनी 68 वर्ष की प्रेमिका गोली देवी की है। यह दोनों 20 साल तक एक साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और इसके बाद 74 साल की आयु में उन्होंने हिन्दू रीति रिवाजों से शादी की और साथ ही एक-दूसरे के साथ अपनी बाकी की बची जिंदगी ही नहीं बल्कि और सात जन्म एक साथ रहने का वादा कर लिया।

बैजू कुशवाहा और गोली देवी की प्रेम कहानी बॉलीवुड की किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। बैजू ने बताया कि आज से 24 साल पहले मैं जब एक शादी के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहा था तब मैंने ललितपुर स्टेशन पर एक महिला को फूट-फूटकर रोते हुए देखा।

फिर काफी देर होने के बाद जब वो नहीं चुपी तो मैंने पास जाकर उससे रोने का कारण पूछा,लेकिन उड़िया भाषा में बोलने की वजह से मैं उसकी बात ठीक से नहीं समझ पा रहा था। फिर उसने मुझे अपनी टूटी-फूटी हिंदी में समझाया कि मेरा नाम गोली देवी है। मेरे शराबी पति ने मुझे मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया है और फिर मैं ट्रेन में बैठकर यहां तक आ गई. लेकिन अब मैं कहां जाऊं, क्या करूं मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है।

बुंदेलखंडी रीती रिवाज से किया मटक विवाह

बैजू कुशवाहा ने बताया कि, महिला की आप बीती सुनने के बाद मैंने गोली की परेशानी देखकर उसकी मदद करने का फैसला लिया और फिर गोली को अपने साथ घर ले आया। मैंने गोली के परिवार वालों को भी ढूंढने की बहुत कोशिश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद हम दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला कर लिया। फिर हम दोनों को साथ में रहते-रहते काफी दिन गुजर गए और साथ में रहते-रहते हमें कब एक-दूसरे से प्यार हो गया हमें पता ही नहीं चला। पिछले 20 सालों तक एक-दूसरे के साथ प्यार से रहने के बाद मुझे को लगा कि शायद ये जिंदगी हम दोनों के एक साथ रहने के लिए कम पड़ेगी तो गोली से बुंदेलखंडी रीती रिवाज से मटक विवाह कर लिया और फिर गोली और मैं सात जन्मों के साथी बन गए।

इसे कहते हैं मटक विवाह | हिन्दू रीती रिवाज के अनुसार जब किसी महिला का एक बार विवाह हो जाता है तो वह दूसरी बार सात फेरे नहीं ले सकती है। मटक विवाह में मटके को पत्नी मानकर सात फेरे लेना होता है। मटके को किसी नई दुल्हन की तरह सजाया जाता है। इसमें दूल्हा मटके को सिंदूर लगाता है, मंगल सूत्र पहनाता है और फिर दूल्हा मटके को लेकर सात फेरे लेता है।

एक पैर से विकलांग बेजू | आपको बता दें कि उड़िया बोलने के कारण गोली की भाषा कोई नहीं समझ पाता लेकिन कहते हैं ना की प्रेम की कोई भाषा नहीं होती, तो बैजू गोली की सभी बातें आसानी से समझ जाते हैं। वहीं एक पैर से विकलांग बेजू का सहारा बनकर गोली देवी उनका पूरा साथ निभा रही हैं।

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