गलती से एक्सीडेंट में बछड़े की मौत हो गई तो पंचों ने अजीब फरमान जारी कर दिया

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। मध्य प्रदेश के विदिशा में एक शख्स ने गलती से एक बछड़े को टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गयी। इस पर पंचायत ने इसका प्रायश्चित करवाने के लिए उसकी नाबालिग बेटी की शादी का अजीबोगरीब फरमान सुना दिया।

दरअसल ये घटना मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की पाथरी थानाक्षेत्र स्थित एक गांव की है। यहां पंचायत के फरमान से एक आदमी अपनी नाबालिग बच्ची की शादी की तैयारी कर रहा था। लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस शादी को वक्त रहते रोक दिया। बच्ची की शादी करवाने के पीछे का कारण ये है कि पंचायत ने बछड़े की हत्या की सजा के तौर पर ये आदेश दिया था।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी रिपोर्ट के अनुसार, वो आदमी कुछ महीने पहले अपनी बाइक से जा रहा था। इसी दौरान उसकी बाइक से टकराकर एक बछड़े की मौत हो गई। इसके एवज में उसने गंगा में डुबकी लगाई और गांववालों को भोज का न्योता दिया। गांववालों ने खाने पर आने से मना कर दिया और बेटी की शादी करवाने के लिए कहा।

राज्य के कुछ हिस्सों में गायों को गलती से मारने के लिए व्यक्तियों या परिवारों पर सामाजिक प्रतिबंध लगाना आम बात है। ये कुप्रथा आज भी चली आ रही है। प्रतिबंधों में ‘अपराधी ‘को गंगा में डुबकी लगाना और ग्रामीणों को दावत देना शामिल है। कभी-कभी अपराधी को उसकी बेटी से शादी करने के लिए कहा जाता है भले ही उसकी उम्र कुछ भी हो क्योंकि ग्रामीणों का मानना है कि अपराधी के परिवार में कन्यादान ‘पाप’ से छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका है।

वहीं इस घटना के बारे में पता लगते ही सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने इसकी जांच करने के लिए महिला और बाल विकास विभाग को सूचित किया तथा इसके बारे में जानने के लिए गाँव में जाने का आदेश दिया।

महिला और बाल विकास विभाग की सुपरवाइज़र अनीता मौर्य ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने उसे बाल विवाह के बारे में जांच करने के लिए गांव में जाने के लिए कहा। लड़की और उसके माता-पिता अनपढ़ हैं और अपने दावे का समर्थन करने के लिए दस्तावेज नहीं दे सके कि लड़की बालिग है। लड़की के आधार कार्ड में 1 जनवरी, 2007 जन्म तिथि का उल्लेख है, इससे साफ़ होता है कि वो महज़ 13 साल की है।”

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