फॉरेस्ट रेंजर ने पानी भर रही दलित लड़की को पीटा फिर पिता को मारी गोली

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। समाज के एक बड़े तबके के अंदर अब भी ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं मिट पाया है। जाति की दीवार इतनी बड़ी है कि एक फॉरेस्ट रेंजर एक दलित व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर देता है। हत्या की वजह भी केवल इतनी है कि बर्तन धोते वक्त रेंजर के ऊपर पानी के कुछ छीटें पड़ जाते हैं।

ये घटना मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की है। जहाँ हैण्डपंप पर पानी भर रहीं दलित महिलाओं द्वारा पानी के छींटे फॉरेस्ट रेंजर पर पड़ने के मामले में हुए विवाद में वनकर्मियों ने रविवार को कथित रूप से कुछ लोगों पर फायरिंग कर दी, जिससे एक दलित व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उसका भाई गोली लगने से गम्भीर रूप से घायल हो गया।

सरोज इस मामले में बताती हैं, ” हैण्डपंप पर मेरी बेटी काजल बर्तन धो रही थी जिसके पानी के छींटे रेंजर शर्मा पर चले गए। छींटे पड़ते ही रेंजर ने अपना आपा खो दिया और गालियां देने लगे। जब उन्हें बेटी ने गाली देने से मना किया तो वन विभाग की एक महिला कर्मचारी आयी मुझे और बेटी को चांटे मारना शुरू कर दिया और बाल पकड़कर पीटने लगी।”

पुलिस ने इस मामले में करैरा वन विभाग में पदस्थ फॉरेस्ट रेंजर, डिप्टी रेंजर सहित 15 वनकर्मियों पर हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज़ कर लिया है। आरोपियों में एक महिला वनकर्मी भी शामिल है।

फॉरेस्ट विभाग ने गोली चलाने का बचाव करते हुए कहा है कि फॉरेस्ट गार्ड अतिक्रमण दूर करने वाली टीम में शामिल थे। इस दौरान गांव वालों ने बंदूक छीनने की कोशिश की थी। ऐसे में गोली चलने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

वहीं करैरा पुलिस थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने बताया कि ग्राम फतेहपुर निवासी सरोज ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके पति मदन और देवर पंकज को इन लोगों ने घेर लिया और बंदूक के बटों, लात घुसों से मारपीट शुरू कर दी। इनसे बचने के लिए जब मदन और पंकज वहाँ से भागे तो रेंजर सुरेश शर्मा ने इन्हें गोली मारने का आदेश दे दिया।

भागते समय रेंजर सुरेश शर्मा, वनकर्मी मुकेश बाथम, रवि बाथम आदि ने बंदूक से फायरिंग कर डाली। एक गोली मदन की पीठ में लगी उसकी मौके पर ही मौत हो गयी जबकि पंकज बाल्मीक के कंधे में गोली के छर्रे लगे हैं।

ऐसे मामले में दो पक्ष सबसे ज़्यादा सक्रिय हो जाते हैं पहली मीडिया दूसरी राजनीति। वहीं इस मामले को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। बीजेपी ने कमल नाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सूबे में दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं।

शिवराज सिंह सरकार में मंत्री रहे विश्वास सारंग ने इंडिया टुडे से कहा है, “हाल ही में सागर में एक दलित युवक को जला दिया गया। अब एक दलित को हैंडपंप से पानी लेने पर फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों ने गाली मार दी। इससे राज्य में दलितों की हालत का पता चलता है साथ ही राज्य सरकार के उनके प्रति व्यवहार का भी पता चलता है।”

Next Post

कोच से सलाह लेकर बोल्ट ने किया रिटायरमेंट के बाद वापसी पर फैसला

Mon Feb 17 , 2020
विभव देव शुक्ला उसैन बोल्ट का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है लेकिन इस बार वजह कोई रिकॉर्ड नहीं बल्कि उनके करियर से जुड़ी हुई है। पिछले काफी समय से बोल्ट की वापसी की खबरें सामने आ रही हैं लेकिन इस मामले से जुड़ा कुछ ठोस सामने नहीं आया […]