जिनपिंग को हफ्तों पहले ही पता थी कोरोना की गंभीरता

बीजिंग

चीन की सरकारी मीडिया ने हाल में राष्ट्रपति का भाषण प्रकाशित किया है जिससे पहली बार संकेत मिला है कि नए कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के शुरुआती अभियान का नेतृत्व वे स्वयं कर रहे थे

चीन की सरकारी मीडिया ने हाल में राष्ट्रपति शी जिनिपिंग का भाषण प्रकाशित किया है, जिससे पहली बार संकेत मिला है कि नए कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के शुरुआती अभियान का नेतृत्व वह स्वयं कर रहे थे। 3 फरवरी को दिए गए भाषण को प्रकाशित कर यह दिखाने की कोशिश की गई कि कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व ने शुरुआत में ही निर्णायक कार्रवाई की, लेकिन इससे जिनपिंग की आलोचना भी शुरू हो गई कि आखिर लोगों को शुरू में ही क्यों आगाह नहीं किया गया।

वर्ष 2002-2003 में सार्स वायरस से फैली महामारी को भी चीन सरकार ने महीनों दबाए रखा था

भाषण में जिनपिंग ने कहा कि उन्होंने 7 जनवरी को वायरस से मुकाबला करने और शहरों को बंद करने के निर्देश दिए थे, जिसके अनुपालन की शुरुआत 23 जनवरी को महामारी के केंद्र रहे शहरों को बंद करने के साथ हुई। उनकी यह टिप्पणी शनिवार को सरकारी मीडिया में प्रकाशित की गई।

कम्युनिस्ट पार्टी की शीर्ष निकाय स्थायी समिति को संबोधित करते हुए जिनपिंग ने कहा, ‘तेजी से फैल रही महामारी की पृष्ठभूमि और रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए 22 जनवरी को मैंने हुबेई प्रांत से लोगों के बाहर जाने पर विस्तृत और सख्त नियंत्रण लागू करने का अनुरोध किया।’ महामारी के शुरुआती दौर में जिनपिंग की भूमिका को लेकर चीन सरकार ने चुप्पी साधी जो अपने सात साल के कार्यकाल में सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती का सामना कर रहे हैं। जिनपिंग के भाषण से संकेत मिलता है कि शीर्ष नेताओं को खतरे की जानकारी सार्वजनिक करने से हफ्तों पहले उन्हें स्थिति की गंभीरता की जानकारी थी। जनवरी के आखिर में ही अधिकारियों ने बताया कि वायरस इंसान से इंसान को संक्रमित कर सकता है जिसके बाद सतर्कता बढ़ी। वर्ष 2002-2003 में सार्स वायरस से फैली महामारी को भी चीन सरकार ने महीनों दबाए रखा था।

चीनी वैज्ञानिकों का दावा…

चीन ने लैब में गलती से पैदा कर दिया कोरोना वायरस!

चीन की सरकारी साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलजी के मुताबिक, हुबेई प्रांत में वुहान सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (डब्ल्यूएचडीसी) ने रोग फैलाने वाली इस बीमारी के वायरस को जन्म दिया हो। स्कॉलर बोताओ शाओ और ली शाओ का दावा है कि डब्ल्यूएचडीसी ने लैब में ऐसे जानवरों को रखा जिनसे बीमारियां फैल सकती हैं, इनमें 605 चमगादड़ भी शामिल थे। उनके मुताबिक, ‘हो सकता है कि 2019-सीओवी कोरोना वायरस की शुरुआत यहीं से हुई हो।’ इसके अलावा इनके रिसर्च पेपर में यह भी कहा गया है कि कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार चमगादड़ों ने एक बार एक रिसर्चर पर हमला कर दिया और चमगादड़ का खून उसकी स्किन में मिल गया। यह रिसर्च डब्ल्यूएचसीडीसी की सिर्फ कुछ गज बड़ी एक लैब में की जा रही थी।

कोरोना वायरस से मौतें बढ़कर 1700 हुईं

कोरोना के वायरस के जिंदगियां निगलने का सिलसिला जारी है। चीन में कोरोना वायरस से हुबेई प्रांत में 100 और लोगों के मारे जाने के कारण इससे मरने वालों की संख्या सोमवार को 1700 के पार हो गई। चीन के स्वास्थ्य आयोग ने इसके 1,933 नए मामले सामने आने की पुष्टि की है। चीन में इससे कम से कम साढ़े 70 हजार लोग संक्रमित हैं।

चीन से भारत लौटे 252 छात्रों का टेस्ट निगेटिव

भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जानकारी दी है कि केरल में जिन तीन लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी उनमें से एक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और फिलहाल वह घर पर है। वहीं हरियाणा के मानेसर में निगरानी केंद्र में रखे गए चीन के वुहान शहर से आए 252 छात्रों में कोरोना वायरस को लेकर उनका टेस्ट निगेटिव आया है।

जापानी क्रूज पर 99 और लोग कोरोना से संक्रमित

जापान के समुद्र तट पर लंगर डाले जहाज पर 99 और लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। जापानी मीडिया ने सोमवार को जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी लेकिन मंत्रालय ने अभी इन खबरों की पुष्टि नहीं की है। मरीजों के इन नए आंकड़ों के साथ जहाज पर अब कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या 454 हो गई है।

​गुड न्यूज…संक्रमण में आ रही है कमी

कोरोना के संक्रमण के नए मामलों में पिछले सप्ताह की तुलना में हालांकि कमी आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का 12 सदस्यीय दल चीन पहुंच चुका है और चीनी अधिकारियों के साथ संक्रमण को समझने का काम कर रहा है।

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