चीन में दाढ़ी रखने और नमाज़ पढ़ने के लिए उइगर मुस्लिमों को कैद किया जा रहा है

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। उइगर मुस्लिमों के उत्पीड़न को लेकर चीन एकबार फिर सुर्खियों में है। उइगर मुस्लिमों पर चीन सरकार और सेना दोनों की नजर है। चीन में उइगर मुस्लिमों को सिर्फ दाढ़ी रखने और नकाब पहनने जैसी वजहों से कैद किए जाने के मामले भी सामने आए हैं। खबर है कि कुछ पारंपरिक काम करने पर भी उनके साथ सख्ती दिखाई जा रही है।

चीन ने यातनागृह जैसे इन डिटेंशन सेंटरों को ट्रेनिंग सेंटर का नाम दिया है। उइगर मुस्लिमों पर उत्पीड़न के लिए कुख्यात चीन में सिर्फ दाढ़ी रखने और हिजाब पहनने जैसी वजहों से कैद किए जाने के मामले भी सामने आए हैं। यहां तक कि कुछ पारंपरिक काम करने पर भी उनके साथ सख्ती दिखाई जा रही है।

3 साल पहले लाखों उइगर मुस्लिम चीनी सरकार के निशाने पर आ गए थे और उन्हें शिविरों में कैद कर दिया गया था। सबसे बड़े उइगर इमाम को भी चीन में रह रहे उनके तीनों बेटों के साथ कैद कर दिया गया।

करीब 10 लाख उइगर मुस्लिम हैं डिटेंशन कैंपों में कैद

चीन के शिनझियांग प्रांत में उइगर मुस्लिम को हर पल ‘कैद’ में जीने को मजबूर हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में करीब 10 लाख उइगर मुसलमानों को कैद करके डिटेंशन कैंपों में रखा गया है। डिटेंशन कैंपों के बाहर के उइगर मुसलमानों के भी फोन, लोकेशन, फोन डेटा, आईकार्ड और गाड़ियों की ट्रैकिंग की जाती है। उनकी धार्मिक आजादी छीन ली गई है।

कुरान पढ़ने, दाढ़ी बढ़ाने, नमाज पढ़ने, बच्चों के इस्लामिक नाम तक रखने पर रोक लगाई जा रही है। बड़ी तादाद में उइगर युवाओं को डिटेंशन कैंपों में रखा गया है। नाजियों के ‘यातना गृहों’ जैसे इन डिटेंशन कैंपों में पर अत्याचार होते हैं, महिलाओं की जबरन नसबंदी कर दी जाती है।

कौन हैं उइगर मुसलमान

मध्य और पूर्वी एशिया के मूल रूप से तुर्क होते हैं उइगर। चीन के शिनझियांग प्रांत में लगभग 11 मिलियन उइगर मुसलमान हैं। ज्यादातर उइगर इस्लाम धर्म को मानते हैं और चीन में यह धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है। शिनझियांग प्रांत में उइगर लोगों की संख्या 44% है और इनमें से लगभग 41% उइगर इस्लाम धर्म मानते हैं।

वहीं गौर करने वाली बात है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पड़ोसी चीन में उइगर मुसलमानों के अत्याचार पर लंबी खामोशी ओढ़ रखी है। उनको पीएम बने भी 17 महीने से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अब तक यही कहते रहे हैं कि चीन के शिनझियांग प्रांत में मुसलमानों के साथ क्या हो रहा है, उसका उन्हें कुछ पता नहीं है।

स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक सम्मेलन से इतर एक इंटरव्यू के दौरान जब इमरान खान से पूछा गया था कि शिनझियांग में चीनी मुसलमानों के साथ जो हो रहा है, क्या आपको उसकी थोड़ी भी चिंता है? इस पर इमरान ने जवाब दिया था कि मुझे इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। अगर मुझे अच्छी तरह पता चला तो मैं चीन से प्राइवेट में बात करूंगा।

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