रंगबाज वेब सिरीज देखी, फिर बनाया 10 लाख ऐंठने का प्लान

नगर संवाददाता | इंदौर

तीन लाख रु. लेते ही पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया

कुक्षी के गोल्डन टीवीएस शोरूम के संचालक व उनके पुत्र को 10 लाख रु. के लिए धमकाने वाले चार बदमाशों को धार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके अपहरण और गिरफ्तारी की कहानी वेब सिरीज से मिलती-जुलती है। पकड़े गए आरोपियों में एक इंदौर का है। आरोपियों ने पिता-पुत्र की सलामती के एवज में तीन लाख रुपए भी ऐंठ लिए थे जिन्हें धार पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। तीन आरोपी पूर्व में भी इसी संचालक से 10 लाख रु. ठग चुके हैं। बदमाशों से दो देशी पिस्टल, दो बारह बोर देशी कट्टे, जिंदा कारतूस, वारदात में प्रयुक्त कार, एक बाइक, छह मोबाइल एवं तीन लाख रुपए जब्त किए हैं।

इंदौर व आसपास से धमकी देकर मोबाइल कर लेते थे बंद

29 जनवरी को कुक्षी गोल्डन स्थित टीवीएस शोरूम के संचालक अमित गुप्ता ने थाना कुक्षी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता सुरेशचंद्र गुप्ता के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति धमकी भरे फोन कर कह रहा है कि 10 लाख रु. नहीं दिए तो शो रूम पर गोलियां चलाकर पिता-पुत्र को खत्म कर दिया जाएगा। एसपी (धार) आदित्यप्रताप सिंह ने एएसपी देवेंद्र पाटीदार, टीआई कमलसिंह पंवार व क्राइम ब्रांच प्रभारी संतोष कुमार पाण्डेय की टीम गठित की। तफ्तीश में पता चला कि धमकी भरे फोन इन्दौर, महू, कनाडिया, देवगुराडिया एवं पीथमपुर से लगाए जा रहे हैं। फोन के बाद संबंधित द्वारा मोबाइल बंद कर दिया जाता था। दूसरा उक्त मोबाइल नंबर से किसी अन्य को भी कोई फोन नहीं लगाया गया। पुलिस ने उक्त मोबाइल नंबर के आधार पर संबंधित पते पर उक्त व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह न तो फरियादी को जानता है और न ही धमकी देने वालों को।

इस बीच 17 फरवरी को गुप्ता से जानकारी मिली कि आरोपी 10 लाख रु. लेने के कुक्षी आने वाले हैं। पुलिस ने गुप्ता को तीन लाख रु. एक बैग में लेकर मनावर-कुक्षी रोड, कापसी पुलिया पर खड़ा किया जहां बदमाशों ने उन्हें बुलाया था। पुलिस सादी वर्दी में सक्रिय हो गई। कुछ देर में नीले रंग की सेंट्रो कार एवं हारनेट कंपनी की बाइक पर बैठे दो बदमाश गुप्ता से झोला लेकर कार में रखने लगे। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

तब भी ठगे थे 10 लाख रुपए एक आरोपी रेलवे कर्मचारी

कुछ दिन के बाद अपने एक अन्य साथी सिद्धार्थ उर्फ भूरा अधिकारी निवासी इंदौर के साथ गोल्डन शोरूम के संचालक के बेटे अमित को कुक्षी चौपाटी के पास उसकी कनपटी पर पिस्टल रखकर धमकी दी थी एवं हवाई फायर भी किया था। इस वारदात के 10 दिन बाद बदमाशों ने शोरूम संचालक सुरेशचंद गुप्ता को फोन लगाकर धमकी दी थी कि अगर 10 लाख रुपए नहीं दिए तो दोनों की हत्या कर देंगे। इस पर गुप्ता ने तीन माह पहले 10 लाख रुपए सुसारी बस स्टैंड पर लाकर दिए थे। उक्त रुपए दोनों ने बांट लिए थे और 50 हजार रुपए सिद्धार्थ को दिए थे। घटना का मास्टरमाइंड जैनुल रेलवे विभाग में इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन होकर महू में पदस्थ है। इसी तरह आरोपी रूबेल पर जावरा में एक लड़की के अपहरण एवं एक मारपीट का केस दर्ज है। देर रात पुलिस ने सिद्धार्थ को भी हिरासत में ले लिया। पकड़े गए सभी आरोपियों से इस तरह की अन्य वारदातों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है।

गोरखपुर के श्रीप्रकाश शुक्ला पर बनी है रंगबाज वेब सीरीज

यह वेब सीरीज गोरखपुर के श्रीप्रकाश शुक्ला पर आधारित है। शुक्ला 1990 के दशक में देश का दूसरा सबसे बड़ा मोस्ट वांटेड अपराधी था। उद्योगपतियों के बच्चों ओर रिश्तेदारों का अपहरण कर फिरैती मांगना व सुपारी किलिंग उसका मुख्य पेशा था। एक एनकाउंटर में उप्र एसटीएफ ने उसे एनकाउंटर में मार दिया था। मौत के वक्त उसकी उम्र मात्र 25 वर्ष थी। उसने इतनी कम उम्र में कई नेताओं व लोगों की हत्या की थी।

मौज-मस्ती के लिए लिया कर्ज चुकाने रची थी साजिश

पुलिस ने कार में बैठे बदमाशों से पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम जैनुल हसन पिता मेहफूज खान (26) और रूबेन अरमान पिता स्व. मसूद खान (26) दोनों निवासी जावरा बताया। तलाशी में इनके पास से दो देशी कट्‌टे, पांच जिंदा कारतूस, चार मोबाइल व तीन लाख रु. मिले। उधर, बाइक सवार बदमाशों ने अपने नाम उबैद पिता छम्बू खान (26) निवासी जावरा व राजा पिता स्व. अजगर शाह (24) निवासी नार्थ तोड़ा, इंदौर बताया। आरोपी जैनुल व रूबेल ने बताया कि वे चचरे भाई हैं। उन्होंने मौज-मस्ती के लिए लोगों से कर्ज लिया था लेकिन नहीं चुकाने के कारण परेशान थे। इस बीच उन्होंने ‘रंगबाज’ वेब सिरीज देखी तो रुपए ऐंठने की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने चार माह पहले कुक्षी के पास से एक राहगीर से आइटेल कंपनी का मोबाइल लूटा।

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