रामचंद्रन ने कहा, हम बात करने आए हैं धरना खत्म कराने नहीं

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त की गई वार्ताकार साधना रामचंद्रन की चौथे दौर की बातचीत भी रही बेकार, मार्केट एसोसिएशन ने कहा हो रहा करोंड़ों का घाटा

सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त की गई वार्ताकार साधना रामचंद्रन शनिवार को भी शाहीन बाग पहुंची। ये चौथे दौर की बातचीत थी हालांकि शनिवार को साधना रामचंद्रन के आने का कोई प्लान नहीं था लेकिन वो अचानक से शाहीन बाग पहुंच गईं। इस बीच मीडिया को मंच से दूर रखा गया। साधना रामचंद्रन ने मंच से कहा, “ हम सिर्फ महिलाओं से बात करने आए हैं, यहां शाहीन बाग के धरना प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए नहीं आए हैं, हम सिर्फ यहां रास्ता खुलवाने के लिए आए हैं। हम एक लोकतंत्र हैं, हमारी अलग-अलग राय है, सबको हक है अपनी बात रखने का।’’

उन्होंने आगे कहा,’’ शाहीन बाग़ में एक ऐसी जगह बने जहां प्रोटेस्ट ग्राउंड बने और सब वहीं प्रोटेस्ट करें। ‘’साधना रामचंद्रन ने कहा,’’ आपको सरकार से बात करनी है तो करें। ये आपका अधिकार है। हम सरकार की तरफ से नहीं आए हैं।’’ इस पर महिलाओं ने कहा,’’ जब तक लिखित में सिक्योरिटी नही मिलती तब तक जगह नही खाली करेंगे।’’ जहां एक ओर वार्ताकार लोगों को समझाने में लगे थे तो वहीं शाहीनबाग के लोगों ने प्रदर्शन खत्म करने के लिए अपनी मांगों की लिस्ट रख दी। शाहीनबाग की महिलाओं ने 7 मांगे रखी है। उन्होंने कहा है कि यह कानून हर हाल में वापस होना चाहिए। वहीं कुछ ही दूरी पर शाहीन बाग की मार्केट के लोग साधना रामचंद्रन का इंतजार कर रहे थे। वो भी अपनी बात रखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी ने हमारे बारे में कहा है कि ‘शाहीन बाग की महिलाएं बातचीत के लायक नहीं हैं।’ जिन लोगों ने शाहीन बाग के खिलाफ बोला है उनके खिलाफ कार्रवाई हो।

शाहीन बाग में करीब 200 से ज्यादा दुकानें

मार्केट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट डॉ. नासिर कुछ और दुकानदारों के साथ साधना रामचंद्रन से मिले और उन्हें अपना दर्द बताया। डॉ. नासिर ने साधना रामचंद्रन से कहा कि शाहीन बाग में करीब 200 से ज्यादा दुकानें हैं। हर दुकान पर करीब 4 से 5 लोग काम करते हैं। दो महीने से ज्यादा का समय हो गया है पूरा मार्केट बंद है। हमारा 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। अगर ऐसा ही रहा तो ज्यादा घाटा हो सकता है। हम शाहीन बाग में चल रहे प्रोटेस्ट के खिलाफ नहीं है लेकिन हमारा भी ध्यान रखा जाए।” इस पर साधना रामचंद्रन ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी ये बात सुप्रीम कोर्ट में रखी जाएंगी।

सरकार को भी हो रहा है बंद दुकानों से नुकसान –

मार्केट के एक दुकानदार रिफाकत का कहना था कि “शाहीन बाग में बंद पड़ी दुकानों से सरकार को भी नुकसान हो रहा है क्योंकि हम जीएसटी देते हैं और दुकान बंद होने की वजह से जीएसटी नहीं दे पा रहे हैं।” एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि “हमें काफी नुकसान हो रहा है मेरे रेस्टोरेंट पर 7 से 8 वर्कर काम करते हैं मैं डेढ़ महीने से उनकी सैलरी दे रहा हूं लेकिन काम बहुत कम है। जो ऑनलाइन आर्डर भी हमें जमेटो और स्विगी से मिलते हैं रोड बंद होने के कारण वो सब कैंसिल हो जाते हैं।”

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