यूपी में विद्यालय के प्रबंधक बता रहे हैं ‘कॉपी में 100 रुपए रख देना शिक्षक आँख मूंद कर नंबर देगा’

विभव देव शुक्ला

उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है जो देश में तमाम कारणों से मशहूर है, कभी कारण सुनने-समझने लायक होते हैं तो कभी नज़रअंदाज़ करने लायक होते हैं। एक ऐसा ही कारण है प्रदेश की परीक्षा के दौरान होने वाली नक़ल, चाहे छोटी परीक्षाएं हों या बड़ी परीक्षाएं, अमूमन हर परीक्षा में नक़ल के नज़ारे देखने के लिए मिलते हैं। छात्र तो फिर भी छात्र हैं, उत्तर प्रदेश के मऊ ज़िले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है जिसमें खुद शिक्षक नक़ल करने के तरीक़े बता रहे हैं।

डर की कोई बात नहीं है
लगभग 2 मिनट 16 सेकेंड के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विद्यालय के प्रबंधक छात्रों को समझा रहे हैं कि नक़ल कैसे करनी है? वीडियो की शुरुआत में वह कहते हैं ‘डर और भय की कोई बात नहीं है, आपस में बात करके लिख लेना समझे कि नहीं समझे? कोई आपका हाथ नहीं पकड़ेगा, मुँह से बोलोगे यह कोई नक़ल है? बात समझे कि नहीं? जो एक या दो नंबर का सवाल है उसे आपस में मिला जुला कर लिख लेना डरना नहीं, कोई कुछ करेगा नहीं खुली छूट है।

मिल-जुल कर जवाब लिख देना
इसके बाद प्रबंधक साहब ने कहा ‘पास में जो सरकारी विद्यालय है उसके तमाम लोग परिचित हैं तो वहाँ भी डरने की ज़रूरत नहीं है। बस चिट मत रखना बोल-बोल कर लिख लेना जो लिखना आगे-पीछे से, बस अनुशासन बनाए रखना। अगर कहीं चिट मिल जाए और कोई एकाध थप्पड़ मार दे तो उसे बर्दाश्त कर लेना और कह देना एक और थप्पड़ मार लीजिये, हाथ जोड़ लीजिये।
तुम्हारा भला हो जाएगा, ऐसा नहीं खड़े हो गए तन कर तब पूरे विद्यालय का नुकसान कर देंगे शिक्षक लोग। कहेंगे बहुत उज्जड किस्म के छात्र हैं, कोई एक्शन ले लेंगे तो नुकसान हो जाएगा तो इस नाते मान लो कोई बात बड़ी हो गई तो धीरे से पटा लेना बोलना नहीं। अपना कोई प्रश्न नहीं छोड़ना है प्रश्न लिख दोगे और 100 रुपया डाल दोगे तो शिक्षक आँख मूंद कर नंबर देगा, तब शिक्षक जाँचता नहीं है कि कॉपी में क्या लिखा है?

खड़े होते हैं तमाम सवाल
लगभग 2 मिनट 16 सेकेंड का वीडियो उत्तर प्रदेश के मऊ ज़िले का है, जिसकी चर्चा फिलहाल पूरे सोशल मीडिया पर हो रही है। यह बात खुद में हैरान कर देने वाली है कि ऐसा प्रदेश जो परीक्षाओं में नकल के लिए पहले ही बदनाम है वहाँ एक प्रबंधक ही नक़ल करने के तरीके बता रहे हैं। प्रदेश में दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, उसके पहले इस तरह का वीडियो पूरी शिक्षा व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े करता है।

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