आखिर क्यों पत्नी, बेटे संग गिरफ़्तार हुए आजम खान?

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोर्ट ने एक मामले में सांसद मोहम्मद आज़म खान, उनके पुत्र अब्दुल्ला तथा पत्नी तनज़ीन फातिमा को रामपुर की अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

तीनों ने 26 फरवरी को रामपुर की एक विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया है। तीनों को दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पिछले साल उत्तर प्रदेश की सरकार आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए थे। इनमें से ज्यादातर मामले भूमि अधिग्रहण के हैं। पिछली कई सुनवाई में आजम खान कोर्ट में पेश नहीं हुए थे जिसकी वजह से कोर्ट ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई है।

कोर्ट के बार-बार समन भेजने के बावजूद आज़म खान कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे। गैर हाजिरी के चलते कोर्ट ने आजम, उनके बेटे अब्दुल्ला और पत्नी तंजीम फातिमा के खिलाफ कुछ मामलों में जमानती और कुछ मामलों में गैर जमानती वारंट जारी किये थे।

क्या मामला है?

केस आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ा है। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने जनवरी, 2019 में अब्दुल्ला पर धोखाधड़ी से दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया था। दरअसल आजम खान और उनके परिवार ने अब्दुल्ला आजम का एक जन्म प्रमाणपत्र रामपुर नगरपालिका से बनवाया है, जिसमें उनकी जन्मतिथि एक जनवरी, 1993 दर्शाई गई है।

दूसरा लखनऊ के अस्पताल से भी जन्म प्रमाणपत्र बनवा लिया, जिसमें उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 है। बाद में पासपोर्ट और पैन कार्ड में उम्र ठीक कराने के लिए भी दूसरा पासपोर्ट और दूसरा पैन कार्ड बनवा लिया, जिसमें अब्दुल्ला की दूसरी जन्मतिथि है।

आजम खान और तजीन फातमा का भी नाम आकाश सक्सेना ने एक मुकदमा दो जन्मप्रमाण पत्र बनवाने का दर्ज कराया है। उसमें अब्दुल्ला के साथ ही आजम खान और उनकी पत्नी तजीन फातमा को भी नामजद किया है। आरोप लगाया गया है कि अब्दुल्ला का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आजम और उनकी पत्नी ने जो शपथ पत्र दिया है, उसमें झूठ बोला गया है।

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