प्रियंका वाड्रा को राज्यसभा भेजने में लगे हैं तीन राज्यों के मुख्यमंत्री

जयपुर

राज्यसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी फिर चर्चा में हैं। इसकी वजह है कांग्रेस शासित तीन राज्यों- मध्यप्रदेश, राजस्थान और छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री, प्रियंका गांधी को अपने-अपने राज्य से राज्यसभा में भेजना चाहते हैं। राज्यसभा चुनाव में इस बार राजस्थान, मध्यप्रदेश से तीन-तीन सीटों पर और छतीसगढ़ में दो सीटों के लिए चुनाव होना है। वोटों के गणित के लिहाज से राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की दो-दो सीटें तय मानी जा रही है। 17 राज्यों की 55 सीटों पर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन 13 मार्च से दाखिल होंगे, जबकि मतदान 26 मार्च को होगा। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के तीनों क्षत्रप अशोक गहलोत, कमलनाथ और भूपेश बघेल चाहते हैं कि गांधी परिवार, राज्यसभा टिकट के लिए प्रियंका गांधी के नाम की हरी झंडी दे दे।

प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने की मुहिम में सिर्फ तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री ही नहीं, गांधी परिवार से जुड़े कई नजदीकी नेता भी कोशिश में जुटे हैं। प्रियंका गांधी के साथ-साथ कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को मनाने की कोशिशें पर्दे के पीछे जारी है। दरअसल, मसला प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने की ख्वाहिश तक का नहीं है, बल्कि राज्यसभा की सीट देने के पीछे एक सोच कांग्रेस में नेतृत्व के संकट का रास्ता खोजना भी है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नजदीकी माने जाते हैं। कहा जा रहा है कि जब राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट में घमासान चल रहा था, तब सोनिया के साथ प्रियंका गांधी का झुकाव गहलोत की ओर था। वहीं राहुल गांधी का सचिन पायलट की तरफ। गहलोत इसी वजह से प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजकर राजस्थान में सचिन पायलट के साथ चल रहे मुकाबले में इस दांव को फायदे का मान रहे हैं। उधर, मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ भी प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजकर एक तीर से दो शिकार करना चाहते हैं। प्रियंका के आने से ज्योतिरादित्य सिंधिया का राज्यसभा जाने का रास्ता अपने आप रुक जाएगा और सिंधिया के बढ़ते वजन पर भी लगाम लग जाएगी।

पहले भी उठी है आवाज

इससे पहले भी जब राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव हारने के बाद अध्यक्ष पद छोड़ा था, तब कांग्रेस नेता शशि थरुर, कर्ण सिंह और पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे नेताओं ने प्रियंका गांधी को कमान सौंपने की वकालत की थी। खुद प्रियंका गांधी ने पिछले साल नेल्सन मंडेला की जयंती पर मंडेला के वर्ष 2000 के एक बयान को ट्वीट किया, जिसमें मंडेला ने कहा था उसे राजनीति में आना चाहिए। तब इलाहाबाद समेत देश के कुछ शहरों में प्रियंका गांधी को कांग्रेस की कमान देने की मांग वाले पोस्टर लग गए थे। अब राज्यसभा चुनाव से एक बार फिर प्रियंका गांधी को लेकर सवाल जिंदा हो गया है।

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