सफाईकर्मी के चेहरे से चिंता गायब हो गई जब काफिले के साथ पहुँचे पुलिस वाले

विभव देव शुक्ला

एक समाज हमेशा किस्सों और घटनाओं से घिरा होता है, ऐसे किस्से जिनमें सीखने और समझने के लिए बहुत कुछ होता है। कुछ इस तरह की घटना हुई राजस्थान के झुंझुनू ज़िले के छोटे से गाँव गुढ़ा में। घटना का प्रभाव आम लोगों पर कुछ ऐसा था कि लोग उसे ऐतिहासिक बता रहे हैं। एक शादी समारोह में शामिल हुए लोग हैरत में पड़ गए जब पुलिस विभाग के तमाम दिग्गज अधिकारी वाल्मीकि समाज के एक गरीब सफाईकर्मी के घर ‘भात’ लेकर पहुँचे।

बेटी की शादी की चिंता
राजस्थान के झुंझुनू ज़िले में एक छोटा सा गाँव है गुढ़ा गोरजी। इस गाँव के थाने में लालचंद वाल्मीकि पिछले कई सालों से बतौर सफाईकर्मी काम कर रहे हैं। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते लालचंद पिछले काफी समय से परेशान थे और इसी दौरान उनकी सबसे बड़ी चिंता थी बेटी की शादी।
लालचंद के पास रस्म और रिवाज़ के सामान खरीदने तक के रुपए नहीं थे। इस बात की जानकारी इलाके के एसएचओ राजेन्द्र शर्मा को हुई, उन्हें पता चला कि लालचंद के आर्थिक हालात अच्छे नहीं हैं।
फिर उन्होंने इस बात का ज़िक्र पुलिस अधीक्षक से किया, पूरी बात सिरे से बताई। एसएचओ की बात सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक थी। उन्होंने एसएचओ से कहा कि आप लोग तैयारियां शुरू करें मैं खुद बारात में शामिल होना पसंद करूंगा। साथ ही जितनी मदद कर पाऊँगा ज़रूर करूंगा।

काफिला लेकर पहुँचे पुलिस वाले
इतना कुछ तय होने के बाद गुढ़ा गाँव के भैरोजी बस अड्डे पर लगभग 2 बजे के आस – पास ढोल – बाजों और डीजे के साथ गाड़ियों का एक बड़ा काफिला नज़र आया। काफिले में अमूमन हर गाड़ी नीली बत्ती के साथ थी या पुलिस का वाहन था और यह काफिला लालचंद वाल्मीकि के घर की तरफ बढ़ रहा था। बारात में मौजूद सभी लोग दंग थे कि आखिर हो क्या रहा है?
लालचंद के घर पहुँच कर एसएचओ राजेन्द्र शर्मा समेत तमाम पुलिस कर्मियों ने मिल कर बची हुई रस्में पूरी कराईं। इसके अलावा पुलिस कर्मियों ने लालचंद वाल्मीकि की बेटी ममता को शादी की तमाम चीज़ें उपहार में दी। इतना ही नहीं शादी के दौरान पुलिसकर्मियों ने डीजे की धुन पर जम कर ठुमके लगाए।

सफाईकर्मी की बेटी का भात भरा
फिलहाल पुलिस महकमे की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का मुद्दा बनी हुई है, लोगों ने मौके पर पुलिस प्रशासन ज़िन्दाबाद के नारे भी लगाए। इलाके में यह पहला ऐसा मौका था जब एक ब्राह्मण समाज के एसपी और एसएचओ ने एक सफाईकर्मी की बेटी का ‘भात’ भरा है।
समाज में इस तरह की घटनाएँ अक्सर होती हैं जिनमें लोग ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं। लेकिन इन सब के बीच ऐसी घटनाएँ भी कम ही होती हैं जिनमें पुलिस महकमे के तमाम अधिकारी इस तरह मदद के लिए सामने आते हैं। शादी के दौरान गाँव के तमाम लोग भी मौजूद थे और उन्होंने पुलिस की इस पहल को जम कर सराहा।

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