9 साल की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ बाइक टैक्सी चालक बनी हर्षिका

नई दिल्ली

देश में कई ऐसी महिलाएं है जिन्होंने लाखों रुपए की नौकरी छोड़ के कोई स्टार्टअप शुरू किया है या कोई ऐसा बिजनेस जिसमें वह सफल होकर करोड़ों रुपए कमा रही हैं। ऐसी ही एक महिला के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिसने 9 साल की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर बाइक टैक्सी चलाना शुरू की। सूरत की रहने वाली हर्षिका पांड्या ने लोगों की मानसिकता को बदलते हुए यह काम शुरू किया।

37 वर्षीय हर्षिका पांड्या पढ़ने में भी अव्वल हैं। उन्होंने पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ले रखी है। कुछ महीने पहले ही हर्षिका, दुनिया के सबसे बड़ी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ओला से जुड़ी हैं। इसके पहले, वो एनजे फाइनेंस में काम करती थीं। हर्षिका ने जब एक आंत्रप्नयोर बनने का निर्णय किया तो उन्होंने 9 साल की अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी और यात्रा करने के अपने सपनों को पूरा करने में जुट गईं।

बाइक चलाने में सहज थीं

जब हर्षिका को पता चला कि ओला अपनी बाइक कैटेगरी के लिए ड्राइवर पार्टनर्स की नियुक्ति कर रही है तो उन्होंने बाइक चालक की नौकरी में एक बार हाथ आजमाने की सोची, क्योंकि वह बाइक चलाने में सहज थीं। कंपनी से जुड़ने के कुछ दिनों के भीतर, उन्हें न सिर्फ आत्मविश्वास मिला बल्कि वो सम्मान और पहचान पाकर कृतज्ञ भी हुईं।

घर में एकमात्र कमाने वाली नहीं

हर्षिका अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहती हैं। उनके परिवार वाले बेहद सपोर्टिव हैं और उन्होंने उनके ओला बाइक चालक बनने के फैसले को प्रोस्ताहित किया। वो घर में एकमात्र कमाने वाली नहीं हैं। हर्षिका को अपने आप पर गर्व के साथ-साथ अपने मनोबल को बढ़ाने में मदद मिलती है।

रोल मॉडल बनाने में सक्षम बनाया

हर्षिका को उम्मीद है कि उसकी कहानी कमाई करने वाली महिलाओं को इस तरह के फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी। मैं ओला की आभारी हूं कि उसने मुझे अन्य महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बनाने में सक्षम बनाया और उन्हें दिखाया कि अगर वे कुछ करने की ठान लें तो वे कुछ भी हासिल कर सकती हैं।

अपने काम से मिलता है आत्मविश्वास

हर्षिका कहती हैं, “बाइक ड्राइवर पार्टनर होने के नाते मुझे वित्तीय रूप से स्वतंत्र होकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का आत्मविश्वास देता है। फ्लेक्जेबल शेड्यूल होने की वजह वो एक दिन में 8 से 9 राइड पूरी कर लेती हैं, जिससे अपने अन्य काम को करने और अपने परिवार की देखभाल करने का समय मिलता है।

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