‘कमल’ दल फूले

प्रजातंत्र ब्यूरो | भोपाल

प्रदेश के सियासी ड्रामे में कांग्रेस ने मारी बाज़ी, पर चार विधायक अब भी लापता ,छह विधायकों को वापस लाकर कांग्रेस खुश है तो भाजपा 4 विधायकों के साथ से अब भी उत्साहित

1967 की संयुक्त विपक्षी सरकार के 53 साल बाद मप्र में सरकार गिराने और बचाने की नई पटकथा लिखी जा रही है। इस पूरे अभियान को ऑपरेशन लोटस नाम दिया गया है। मंगलवार की रात दिल्ली से लेकर भोपाल तक हुए घटनाक्रम के बाद सरकार को समर्थन दे रहे छह विधायक बुधवार शाम भोपाल लौट आए हैं। सरकार के सामने अब भी चुनौती है क्योंकि चार विधायक पूरी तरह भूमिगत हो गए हैं। उनसे संपर्क नहीं हो रहा है इनमें से तीन कांग्रेस के विधायक हैं। सूत्रों के अनुसार कर्नाटक में इन विधायकों के साथ भाजपा नेता अरविन्द सिंह भदौरिया है।

सोमवार को पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह बसपा विधायक रामबाई अहिरवार को चार्टर्ड विमान से दिल्ली ले गए। बस यहीं से बीजेपी का ऑपेरशन लोटस खतरे में पड़ गया। जानकारों का कहना है कि यदि चार्टर्ड प्लेन की जगह राम बाई को नियमित फ्लाइट या ट्रेन से दिल्ली भेजा जाता तो किसी को भनक नहीं लगती।

कांग्रेस के संकटमोचक बनकर उभरे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दो दिन से लगातार बयान और ट्वीट के जरिए बीजेपी की कोशिशों को सार्वजनिक कर दिया था। मंगलवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे ही दिल्ली रवाना हुए, सिंह ने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी, वित्त मंत्री तरुण भनोट और उनके बेटे नगरीय प्रशासन मंत्री के वर्धन सिंह को दिल्ली रवाना कर दिया। भाजपा ने इन विधायकों को गुड़गांव के एक होटल में रुकवाया था। खुद दिग्विजय सिंह और तीनों मंत्री वहां पहुंच गए। मान मनौव्वल के बाद इन छह विधायकों को एमपी भवन लाया गया। बुधवार शाम करीब 5:30 बजे राजकीय विमान से तीनों मंत्री इन 6 विधायकों को लेकर भोपाल आए। सभी विधायकों को सीधे सीएम हाउस ले जाया गया, जहां मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनसे लंबी चर्चा की और भाजपा द्वारा किए गए वादों और प्रलोभनों की जानकारी ली।

ये छह विधायक लौटे जो विधायक दिल्ली से भोपाल आए हैं उनमें बसपा के संजीव सिंह कुशवाहा और राम बाई, सपा के राजेश शुक्ला उर्फ बबलू, कांग्रेस के इंदल सिंह कंसाना, रणवीर और कमलेश जाटव हैं।

ये चार लापता इन विधायकों में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री बिसाहू लाल सिंह, हरदीप सिंह डंग, रघुराज कंसाना और निर्दलीय शमशेर सिंह शेरा शामिल है।

कांग्रेस। मिड नाईट फ्रीडम… आधी रात को गुरुग्राम के होटल से दस में से 6 विधायक वापस आए, चार अब भी गायब, नाथ बोले – कोई खतरा नहीं। दावा : भाजपा के 10 से 12 विधायक हमारे संपर्क में हैं।

भाजपा। कभी सोचा न था… कांग्रेस विधायकों को उड़ा ले जाने और चार को बेंगलुरु भेजने के बाद, भाजपा बोली- सोचा ही नहीं सरकार गिराने का। दावा : कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई, ये पटकथा दिग्विजय ने लिखी।

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