13 साल की इस बच्ची को योगी सरकार क्यों दे रही है सम्मान?

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। भारत में बाल विवाह पूर्ण रूप से से प्रतिबंध होने के साथ-साथ एक दंडनीय अपराध है। बावजूद इसके आज भी देश के कई हिस्सों में बाल विवाह को अंजाम दिया जाता है। वहीं एक 13 साल की बच्ची इसे रोकने के लिए आगे आयी और अपने उस समाज से भिड़ गयी जो उसी की बहन का बाल विवाह कराने पर तुला था।

8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बाल विवाह को रोकने वाली 13 साल की एक लड़की के साथ- साथ 20 और लड़कियों को सम्मानित करने जा रहे हैं। इस लड़की का नाम है वंशिका गौतम, जिसने पिछले साल अपनी 16 वर्षीय चचेरी बहन का विवाह रोका था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली लड़कियों को दिया जाता है।

यूपी की मेरठ की रहने वाली वंशिका 8वीं की छात्रा हैं। वह कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में पढ़ती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 मार्च को वंशिका सहित 20 लड़कियों को सम्मानित करने वाले हैं।

वंशिका ने अपने एक साक्षात्कार में बताया, “एक साल पहले मेरे चाचा-चाची मेरी चचेरी बहन की शादी करने की तैयारी कर रहे थे। मैंने अपने पूरे परिवार को समझाया कि वह 18 साल से पहले शादी नहीं कर सकते हैं। इसके बाद परिवार बहन की पढ़ाई जारी रखने पर सहमत हुआ।” मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 13 वर्षीय वंशिका गौतम महिला कार्यकर्ताओं की समूह ‘मीना मंच’ की सदस्य है। यह लड़कियों के क्रियाकलाप से जुड़ा समूह है, जिसका उद्देश्य स्कूल नामांकन में सुधार करना और विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता फैलाना है।

कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय की वार्डन कुमारी प्रियंका ने बताया कि वंशिका को 5 मार्च को लखनऊ बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि यह उनके स्कूल के लिए गर्व की बात है कि राज्य स्तर पर सम्मान मिलेगा।

बाल विवाह के ज़्यादातर मामले खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सामने आते हैं। बाल विवाह को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार में काफी सुधार हुआ है। भारत में बाल विवाह की औसत दर करीब 12% है। भारत के शहरों में बाल विवाह का औसत 6.9% और गाँवों में 14.1% है। सबसे ज्यादा बाल विवाह के मामले हरियाणा से सामने आते हैं।

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