96 की कार्तियानी व 105 साल की भागीरथी को नारी शक्ति पुरस्कार

तिरुवनंतपुरम

8 मार्च यानी महिला दिवस के मौके पर राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

कहा जाता है कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है। इस बात को हकीकत बनाने वालीं केरल की दो बुजुर्ग महिलाओं को सम्मानित करने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, 96 वर्षीय कार्तियानी अम्मा ने वर्ष 2018 में 100 में 98 अंक हासिल किए थे। वहीं, 105 वर्षीय भागीरथी अम्मा केरल राज्य साक्षरता मिशन के समकक्ष पाठ्यक्रम की सबसे बुजुर्ग छात्रा हैं। इन्हें संयुक्त रूप से 8 मार्च को नारी शक्ति पुरस्कार 2019 से राष्ट्रपति सम्मानित करेंगे।

बता दें कि केरल की 105 साल की भागीरथी अम्मा ने इस उम्र में चौथी कक्षा के स्तर की परीक्षा अच्छे नंबरों के साथ उत्तीर्ण की है। भागीरथी ने नौ वर्ष की उम्र में मां के देहांत के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और उसके बाद भाई-बहनों की देखभाल में इतनी व्यस्त हुईं कि पढ़ने के बारे में सोच ही नहीं पाईं। शादी के बाद परिवार बढ़ा और वह छह बच्चों की मां बन गईं। उनकी मुश्किलें उस वक्त और बढ़ गईं, जब उनके पति का देहांत हो गया और परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। जीवन की इस आपाधापी में भागीरथी की पढ़ने की चाह पर जिम्मेदारियों की कई परतें जमती चली गईं।

…और फिर जाग उठी पढ़ाई की चाह

समय अपनी रफ्तार से गुजरता रहा और भागीरथी ने अपने जीवन का सैकड़ा पार कर लिया। यह वह समय था जब वह अपनी सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभा चुकी थीं। अब उनके छह बच्चों के साथ 16 नाती पोते और 12 पड़नाती पड़पोते भी थे। हालांकि, गुजरते सालों का असर दिखने लगा था। आंखों की रोशनी धुंधलाने लगी, दांत गिर गए और शरीर कमजोर होने लगा। इस सब के बीच भागीरथी ने दिल के एक कोने में सहेजकर रखी पढ़ाई करने की चाह को धीरे से निकाल लिया। तमाम जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद भागीरथी अम्मा को अपने दिल के किसी कोने में दबे पड़े इस सपने की धूल साफ करने की चाहत जाग उठी।

गणित में हासिल किए 75 में से 75 अंक

इसी के चलते उन्होंने पिछले वर्ष राज्य के साक्षरता अभियान में पंजीकरण कराया और छह फरवरी को घोषित किए गए परिणामों में उन्हें चौथी कक्षा के स्तर की परीक्षा में 74.5 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण घोषित किया गया। अपने एक पुराने इंटरव्यू में भागीरथी ने गणित को आसान विषय बताया था और गणित की परीक्षा में 75 में से 75 अंक लेकर उन्होंने इसे साबित भी कर दिया।

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