पीटी उषा और किरन रिजेजू की बैठक में खिलाड़ियों के लिए हुआ अहम ऐलान

विभव देव शुक्ला

खेलों को लेकर सरकारों का रवैया एक तय तरीके से काम करता है जो अधिकतर मौकों पर बहुत संतोषजनक नहीं होता है। बहुत कम ही ऐसे मौके होते हैं जब एक सरकार किसी खेल या खिलाड़ी की मदद के लिए खुद से आगे आती है। ऐसा ही एक ऐलान किया है केन्द्रीय खेल मंत्री किरन रिजेजू ने। रिजेजू का कहना है कि खेल मंत्रालय पीटी उषा के एथलेटिक्स स्कूल की हर सम्भव मदद करेगा।

एशियाई खेलों की सफल खिलाड़ी
हाल ही में रिजेजू और पीटी उषा ने एक बैठक की और बैठक में उन्होंने खिलाड़ियों के सामने आने वाली परेशानियों पर चर्चा की। रिजेजू ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी। ट्वीट में उन्होंने लिखा,
‘भारत की गोल्डन गर्ल – पीटी उषा। 1986 के सिओल एशियाई खेलों में भारत ने कुल 5 पदक जीते थे। जिसमें से पीटी उषा ने कुल 4 पदक अकेले जीते थे, 200 मीटर, 400 मीटर बाधा दौड़ और 4×4 रिले में स्वर्ण और 100 मीटर में रजत पदक जीता था। हमने खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की और खेल मंत्रालय पीटी उषा के एथलेटिक्स स्कूल की मदद करेगा।’

साल 2000 में लिया सन्यास
पीटी उषा देश की उन चंद खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने एशियाई खेलों में कुल 11 पदक जीते हैं। साल 2000 में उन्होंने यह कह कर सन्यास लिया था कि वह नई पीढ़ी के खिलाड़ी तैयार करेंगी। इसके बाद साल 2002 में उन्होंने खुद का एथलेटिक्स स्कूल शुरू किया था और उनके स्कूल के तमाम खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया है।

मंत्रालय की सार्थक पहल
टिन्टू लोका ने उनके ही एथलेटिक्स स्कूल से प्रशिक्षण लिया था और वह एशियाई खेलों में अभी तक 2 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा भी उनके संस्थान से निकले तमाम खिलाड़ी तमाम खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। खेल मंत्रालय की तरफ से मिलने वाली मदद का ऐलान बेशक पीटी उषा के संस्थान के बेहतर साबित होगा।

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