17 पेड़ काटने की ली अनुमति और काट दिए 2 हजार पेड़

विनोद शर्मा | इंदौर

सिंगापुर टाउनशिप में 12 बीघा के जंगल पर दिन-रात चल रही आरी

इंदौर में पेड़ कटाई को लेकर प्रशासन की सख्ती से कैसे निपटा जाता है यह देखना और समझना हो तो तलावली चांदा से बेहतर जगह नहीं हो सकती। यहां नगर निगम से 17 पेड़ों को काटने की अनुमति लेकर 12 बीघा जमीन पर वर्षों से खड़े हजारों दरख्तों पर आरी चला दी गई, ताकि जमीन खाली कराकर वहां टाउनशिप खड़ी की जा सके। मामले की शिकायत सीएम हाउस तक पहुंचने के बाद पेड़ों की बलि के जिम्मेदार अब शिकायतकर्ताओं को साधने में जुटे हैं।

तलावली चांदा वर्ष 2014-15 में नगर निगम सीमा में शामिल हुआ था। यहां सिंगापुर टाउनशिप और तलावली नाले के बीच जमीन है, जो पहले रुचि सोया समूह के संचालक कैलाश शाहरा के नाम पर थी। बताया जाता है कि शाहरा ने यह जमीन गोशाला के लिए दान कर दी थी। इस जमीन को क्षेत्र में टाउनशिप्स की शृंखला खड़ी करने वाले बिल्डर ने खरीदा और काम शुरू कर दिया है। हालांकि पूरा खेल किसी और के नाम से किया जाना बताया जा रहा है।

शिकायतकर्ता तलावली निवासी सौरभ पटौदिया ने बताया पेड़ों की कटाई छह दिन से जारी है। मैं अपने जन्म के बाद से ही 50-60 हजार पेड़ों के इस जंगल को देखता आया हूं। निगम से मिली जानकारी के अनुसार यहां सिर्फ 17 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी। मौके पर अब तक दो हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन और वन विभाग को शिकायत की। अधिकारी आए, जांच की। मैंने वीडियो बनाया तो बाद में यह कहकर डिलीट करवा दिया कि हम तुम्हें खतरे में नहीं डाल सकते।

रात-दिन जारी है काम

शिकायतकर्ता के अनुसार पेड़ों की कटाई दिन-रात जारी है। तत्काल ट्रकों में भरकर लकड़ियां रवाना की जा रही हैं, ताकि किसी को कुछ पता न चले। दूसरी तरफ पेड़ काटने वालों का कहना है कि ये यूकेलिप्टिस के पेड़ हैं, जिन्हें लगाया ही इसलिए गया था कि आवश्यकतानुसार काटा जा सके।

यूकेलिप्टिस सहित अन्य प्रजाति के पेड़

जमीन पर यूकेलिप्टिस, नीम, आम व बबूल के पेड़ हैं। ज्यादा संख्या यूकेलिप्टिस के पेड़ों की है, जो लंबे और पुराने हैं। निशान मिटाने के लिए जड़ें तक निकालकर फेंकी जा रही हैं।

भूजल स्तर कम करता है यूकेलिप्टिस

नगर निगम के अधिकारी यह स्वीकारते हैं कि कंस्ट्रक्शन के लिए 17 पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई थी। हालांकि अनुमति किसके नाम पर जारी की गई, राजनीतिक दबाव की आड़ लेकर यह नहीं बताया गया। पेड़ काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निगम के उद्यान अधिकारी का कहना है यूकेलिप्टिस पेड़ की प्रजाति अच्छी नहीं है।

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