यस बैंक का संस्थापक राणा कपूर गिरफ़्तार,दस्तावेज देने को तैयार।

नई दिल्ली/मुंबई

जांच में सहयोग से बचते आ रहे बैंक संस्थापक के अब ईडी की हिरासत में कटेंगे तीन दिन

यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 20 घंटे तक पूछताछ के बाद रविवार तड़के करीब 3 बजे गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने राणा को मुंबई के पीएमएलए कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें पूछताछ के लिए 11 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। जांच में सहयोग से बच रहे 62 साल के राणा के लिए अब तीन दिन सवालों के जवाब देने मुश्किल होंगे। राणा को निजी बैंक के संचालन में वित्तीय अनियमितता और कुप्रबंधन के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार ने बैंक के कामकाज को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं।

ईडी ने अदालत में कहा कि राणा के परिवार द्वारा संचालित कुछ कंपनियों की भूमिका स्थापित किए जाने की जरूरत है। राणा ने कहा कि वह सहयोग के लिए तैयार हैं और एजेंसी जो दस्तावेज चाहती है वो देने के लिए भी राजी हैं। ईडी एक कंपनी द्वारा कथित रूप से प्राप्त 600 करोड़ रुपए के कोष के मामले में कपूर, उनकी पत्नी तथा तीन बेटियों के खिलाफ भी जांच कर रहा है, जिस कंपनी को यह राशि मिली, उसका नियंत्रण इस परिवार के द्वारा नियंत्रित था। कंपनी को यह राशि दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. (डीएचएफएल) से जुड़ी इकाई से मिली थी। राणा के खिलाफ जांच के केंद्र में 2000 करोड़ रुपए के निवेश, 44 महंगी पेटिंग और एक दर्जन से कथित मुखौटा कंपनियां हैं।

बैंक के ग्राहक किसी भी एटीएम से निकाल सकेंगे पैसा

दो दिनों से परेशान यस बैंक के ग्राहक अब किसी भी एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे। बैंक ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है। बैंक ने कहा है कि यस बैंक का एटीएम कार्ड ग्राहक अन्य बैंकों के एटीएम में भी इस्तेमाल कर सकेंगे। बता दें कि बैंक ने यह सुविधा वापस ले ली थी। ग्राहक अपना पैसे डूबने को लेकर डरे हुए हैं।

परिवार की लंदन में भी संपत्ति

ईडी को ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जो बताते हैं कि राणा परिवार की लंदन में भी संपत्तियां हैं। उस संपत्ति की खरीद के लिए इस्तेमाल हुए कोष के स्रोत की भी जांच की होगी। ईडी ने शुक्रवार रात राणा की पत्नी और बेटियों के घर पर छापा मारा। जांच में परिवार द्वारा 2000 करोड़ का निवेश, एक दर्जन से अधिक मुखौटा कंपनियों के बारे में पता चला। इन कंपनियों का उपयोग रिश्वत की हेराफेरी के लिए किया जाता था।

संस्थापक पर अनियमितताओं का आरोप

राणा कपूर पर कारोबारी घरानों को लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय करने का आरोप है। बैंक अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, रेडियस डेवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे कारोबारी घरानों को लोन देने में आगे रहा। इन समूहों के डिफॉल्टर साबित होने से बैंक को करारा झटका लगा। 2017 में बैंक ने 6355 करोड़ की रकम को बैड लोन में डाल दिया था जिसके बाद आरबीआई ने बैंक पर लगाम कसनी शुरू की।

बेटियों ने डीएचएफएल से लिए थे 600 करोड़!

ईडी यह भी जांच कर रहा है कि राणा की बेटियों की डमी कंपनी ‘अर्बन वेंचर्स’ को घोटालेबाजों से 600 करोड़ मिले थे या नहीं। बैंक ने डीएचएफएल को 3750 करोड़ का लोन दिया था, नहीं लौटाने पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे शक गहराता है कि राणा की बेटी (जो डुइट अरबन वेंचर्स प्राइवेट लि. की डायरेक्टर हैं) को डीएचएफएल से 600 करोड़ मिले। सवाल हैं कि कहीं 600 करोड़ के इस लेनदेन और दीवान हाउसिंग के एनपीए में कोई संबंध तो नहीं है।

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