चुनाव को ना पर राजनीति को हाँ कहा रजनीकान्त ने

विभव देव शुक्ला

दक्षिण भारत की राजनीति में तमिलनाडु एक अहम राज्य माना जाता है। पिछले कुछ सालों से राज्य की राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव जारी हैं, जो फिलहाल आम लोगों की नज़र से बाहर है। उतार चढ़ाव की सबसे बड़ी वजहों में से एक हैं देश के जाने माने कलाकार और कॉलीवुड के मशहूर अभिनेता रजनीकान्त। रजनीकान्त का कहना है कि राज्य का मुख्यमंत्री बनने में उनकी कोई रुचि नहीं है।

राजनीति में उम्र सीमा तय होना ज़रूरी
चेन्नई में हुई एक प्रेस वार्ता में अपनी आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर रजनीकान्त ने कई बातें बताईं। सबसे पहले उनका कहना था कि राजनीति में उम्र की सीमा तय करना ज़रूरी है। साथ ही वह अपने राजनीतिक दल में ज़्यादा शिक्षित और योग्य लोगों को मौका देंगे। वह अपने राजनीतिक दल में बेहद सीमित संख्या में नेताओं को रखेंगे।
उनके मुताबिक तमिलनाडु की राजनीति में काफी जगह खाली पड़ी है जिसे जल्द से जल्द भरने की ज़रूरत है। इसके बाद उन्होंने कहा मैंने कभी मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखा, मैं सिर्फ राजनीति में बदलाव देखना चाहता हूँ। खबरों की मानें तो रजनीकान्त किसी युवा चेहरे को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनते हुए देखना चाहते हैं।

चुनाव लड़ने पर कोई बात नहीं
ख़बरों में इस बात का अनुमान भी खूब लगाया जा रहा है कि रजनीकान्त तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन मौके पर बोलते हुए उन्होंने न तो अपने राजनीतिक दल के नाम का ज़िक्र किया और न ही दल शुरू करने की तारीख़ का ऐलान किया। साल 2017 की शुरुआत में रजनीकान्त ने इस बात ऐलान किया था कि वह राजनीति में शामिल होने का मन बना रहे हैं।
रजनीकान्त के अलावा 3 और दिग्गज हैं जिनका फिल्मी दुनिया और राजनीति दोनों क्षेत्रों में दखल रहा है।
पहले हैं एमजी रामचंद्रन, दूसरी हैं एम करुणानिधि और तीसरी हैं जे जयाललिता और इन तीनों दिग्गजों ने चुनाव भी जीते हैं। लेकिन इन सब से हट कर रजनीकान्त ने कोई चुनाव नहीं लड़ा है और उनके मुताबिक वह चुनाव लड़ने की इच्छा भी नहीं रखते हैं। और तो और रजनीकान्त ने चुनाव लड़ने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

सारे अनुमान गलत साबित हुए
कुछ समय तक ख़बरों में यह अनुमान भी लगाया जा रहा था कि वह भाजपा के साथ जा सकते हैं, जब उन्होंने नरेंद्र मोदी की कृष्ण और अमित शाह की अर्जुन से तुलना की थी। लेकिन यह अनुमान भी गलत साबित हुआ जब उन्होंने हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में हुए दंगों के लिए केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया था।
इन सारी बातों के बाद सारी बातें इस बिन्दु पर टिकी हुई हैं कि अगले साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव हैं। यह चुनाव एआईएडीएमके और डीएमके बीच बड़ी राजनीतिक लड़ाई का चुनाव साबित होगा। इस पर रजनीकान्त का कहना था कि वह भी इस लड़ाई का हिस्सा होंगे लेकिन सब कुछ कैसे घटेगा इसका जवाब समय के साथ ही मिलेगा।

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