मोदी की अपील का पकिस्तान ने किया समर्थन, कहा वीडियो कॉन्फ्रेंस में लेंगे हिस्सा

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। दुनिया भर में कोरोना वायरस को लेकर हलचल मची हुई है। वहीं पाकिस्तान ने पीएम मोदी के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पीएम मोदी ने दक्षिण एशियाई संघ के क्षेत्रीय सहयोग (SAARC) देशों के नेताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना वायरस महामारी से निपटने के तरीके पर चर्चा करने के लिए बुलाया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने 8 सदस्यों के क्षेत्रीय समूह से शुक्रवार को संपर्क किया और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) यानी सार्क देशों के नेताओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक कराने की राय दी ताकि कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए मजबूत रणनीति तैयार की जा सके।

अब कयास ये लगाए जा रहे थे कि पकिस्तान इस मुहीम में शामिल नहीं होगा। लेकिन सबके कयास धरे रह गए पाकिस्तान ने कहा है कि वह तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रस्तावित सार्क के सदस्य देशों के वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल होगा। उसने माना कि घातक कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न खतरे को कम करने के लिए साझा प्रयासों की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट कर सार्क देशों के नेताओं को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए साथ आने की अपील की थी। पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा था, “हमारी धरती कोविड-19 नोवल कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। विभिन्न स्तरों पर, सरकारें और लोग इससे निपटने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। दक्षिण एशिया जहां विश्व की बड़ी आबादी रहती है, अपने लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।”

वहीं पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा सिद्दीकी ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा,”हमने बता दिया है कि स्वास्थ्य के मुद्दे पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विशेष सहायक जफर मिर्जा सार्क के सदस्य देशों की वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए उपलब्ध रहेंगे।” वायरस के खिलाफ पाकिस्तान के अभियान की अगुवाई मिर्जा कर रहे हैं।

इससे पहले गुरुवार को आइशा फारूकी ने कहा था कि पाकिस्तान, कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत सहित अपने पड़ोसियों को सहयोग करने और इसे बढ़ाने के लिए तैयार है।

Next Post

अफगान सेना पर हमले तेज, 24 घंटे में 95 हमले

Sun Mar 15 , 2020
काबुल शांति समझौते के बावजूद हिंसा बढ़ी युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में हिंसा पर विराम लगाने के लिए पिछले महीने अमेरिका-तालिबान के बीच हुए समझौते के बावजूद 24 घंटों में अफगान सेना के खिलाफ 95 हमले किए हैं। यह हमले अफगानिस्तापन के 10 प्रांतों में किए गए। पिछले हफ्ते कार्यवाहक रक्षा मंत्री […]